बैंक से धोखाधड़ी: फर्जी NOC बनाकर बैंक की ‘क्रेटा’ बेची, आरोपी जगदीप सिंह पर केस दर्ज

लुधियाना (थाना डिवीजन नंबर 5): शहर में धोखाधड़ी और जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक शातिर दिमाग आरोपी ने जाली दस्तावेज तैयार कर न केवल बैंक को लाखों की चपत लगाई, बल्कि कानून की आंखों में भी धूल झोंकने का प्रयास किया। थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने बैंक अधिकारी जतिन शर्मा की शिकायत पर जांच के बाद आरोपी जगदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
लोन की राशि हड़पने के लिए रची साजिश
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जतिन शर्मा (ICICI बैंक लिमिटेड) ने पुलिस को बताया कि आरोपी जगदीप सिंह ने बैंक से लोन प्राप्त कर एक ‘क्रेटा’ कार खरीदी थी। नियमानुसार, जब तक बैंक का पूरा कर्ज चुकता नहीं हो जाता, तब तक गाड़ी बैंक के पास ‘हाइपोथिकेटेड’ (Hypothecated) रहती है और उसे किसी अन्य को बेचा नहीं जा सकता।

फर्जी NOC का खेल
आरोपी ने बैंक की लोन राशि वापस करने के बजाय एक खतरनाक रास्ता चुना। उसने बैंक के नाम पर एक फर्जी और जाली एन.ओ.सी. (No Objection Certificate) तैयार कर ली। इस फर्जी दस्तावेज के सहारे उसने बैंक को अंधेरे में रखा और गाड़ी को आगे किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। इस तरह आरोपी ने बैंक के साथ सीधी धोखाधड़ी कर लाखों रुपये का गबन किया।
मुख्य बिंदु: घटनाक्रम पर एक नजर
- आरोपी का नाम: जगदीप सिंह
- बैंक: आई.सी.आई.सी.आई. (ICICI) बैंक लिमिटेड
- शिकायतकर्ता: जतिन शर्मा (बैंक अधिकारी)
- अपराध का तरीका: जाली NOC तैयार कर हाइपोथिकेटेड गाड़ी बेचना।

पुलिस की कार्रवाई और छापेमारी
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में आरोपी के साथ और कौन-कौन से लोग शामिल थे। क्या आरोपी ने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है।
“बैंक अधिकारी की शिकायत पर जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।”
— पुलिस प्रवक्ता, थाना डिवीजन नंबर 5

संपादकीय टिप्पणी: यह मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सेकंड-हैंड वाहन खरीदते समय दस्तावेजों की पूरी जांच नहीं करते। बैंक से संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि हमेशा संबंधित बैंक से जरूर करनी चाहिए।








