सुषमा वर्मा का ऐतिहासिक धमाका: मल्टी-डे क्रिकेट में जड़ा दोहरा शतक, बनाया विश्व रिकॉर्ड

शिमला:हिमाचल की बेटी और पूर्व भारतीय विकेटकीपर सुषमा वर्मा ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से वो इतिहास रच दिया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगा। सीनियर महिला इंटर जोनल मल्टी-डे ट्रॉफी के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में सुषमा ने नॉर्थ जोन की तरफ से खेलते हुए 237 रनों की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली। यह स्कोर इस टूर्नामेंट के इतिहास का अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।

मैदान के हर कोने में लगाए शॉट
वेस्ट जोन के गेंदबाजों के खिलाफ सुषमा का बल्ला आग उगलता रहा। उन्होंने अपनी 237 रनों की पारी के दौरान न केवल तकनीक का शानदार नमूना पेश किया, बल्कि क्रीज पर टिके रहने के अपने जुझारूपन से विपक्षी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। इस मैराथन पारी की बदौलत नॉर्थ जोन ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत की और अंततः एक यादगार जीत हासिल की।
बनीं ‘प्लेयर ऑफ द मैच’
सुषमा के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के खिताब से नवाजा गया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मल्टी-डे फॉर्मेट (लाल गेंद) में इस तरह की लंबी पारी खेलना महिला क्रिकेट में एक नई क्रांति का संकेत है।
मुख्य उपलब्धियां एक नजर में:
- स्कोर: 237 रन (वेस्ट जोन के खिलाफ)।
- कीर्तिमान: टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर।
- सम्मान: फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं।
- प्रभाव: नॉर्थ जोन को खिताबी जीत दिलाने में मुख्य भूमिका।

शिमला और प्रदेश में जश्न का माहौल
सुषमा वर्मा की इस उपलब्धि पर शिमला जिला क्रिकेट संघ (SDCA) के पदाधिकारियों और प्रदेश के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। संघ के पदाधिकारियों ने बधाई देते हुए कहा कि सुषमा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनमें आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का जज्बा और कौशल मौजूद है। उनकी इस उपलब्धि से हिमाचल की युवा महिला क्रिकेटरों को नई ऊर्जा मिलेगी।
“सुषमा की यह पारी धैर्य और क्लास का मिश्रण थी। उन्होंने साबित कर दिया कि सही तकनीक और मेहनत से किसी भी रिकॉर्ड को तोड़ा जा सकता है। हमें उन पर गर्व है।”
— क्रिकेट संघ पदाधिकारी








