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कांगड़ा में चक्काजाम: ATS के विरोध में थमे कमर्शियल वाहनों के पहिये, जनजीवन बेपटरी

कांगड़ा में चक्काजाम: ATS के विरोध में सड़कों पर उतरे ऑपरेटर, जनजीवन अस्त-व्यस्त

​सुबह 7 से शाम 5 बजे तक थमे रहे टैक्सियों, ऑटो और बसों के पहिये; दूध-ब्रेड की सप्लाई रुकी, स्कूल रहे बंद

धर्मशाला/कांगड़ा : हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में आज कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों की हड़ताल ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) नीति के विरोध में बुलाई गई इस हड़ताल के कारण जिले भर में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ चक्काजाम शाम 5 बजे तक जारी रहा, जिससे स्कूली बच्चों से लेकर आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

शिक्षा और आवश्यक सेवाओं पर भारी मार

​हड़ताल का सबसे व्यापक असर शिक्षा क्षेत्र पर दिखा। जिले के अधिकांश निजी स्कूलों में आज अवकाश रहा, क्योंकि स्कूल बसें सड़कों पर नहीं उतरीं। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने दूध, ब्रेड और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई कर रहे वाहनों को भी जगह-जगह रोक दिया, जिससे बाजारों में जरूरी सामान की किल्लत महसूस की गई।

जिला मुख्यालय पर आक्रोश रैली

​धर्मशाला में विरोध का मुख्य केंद्र महात्मा गांधी स्मृति वाटिका रही, जहाँ जिले भर से आए ऑपरेटरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां से कचहरी तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। टैक्सी यूनियनों ने दोटूक शब्दों में कहा कि:

“हमारी रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। जनता को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है, क्योंकि वह हमारी जायज मांगों को अनसुना कर रही है।”

जिले के अन्य हिस्सों का हाल

  • देहरा: हनुमान चौक और व्यास पुल पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाने का प्रयास किया, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस बल ने विफल कर दिया।
  • पालमपुर एवं बैजनाथ: पालमपुर में निजी बसों का संचालन शून्य रहा। हालांकि, बैजनाथ में मिला-जुला असर देखने को मिला, जहाँ करीब 50% बसें चलती नजर आईं।
  • हाईवे पर पहरा: मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे के सनौरा चौक और चंबी में भारी संख्या में ऑपरेटर डटे रहे और किसी भी कमर्शियल वाहन को आगे नहीं जाने दिया।

​क्यों है विरोध?

​ऑपरेटरों का मुख्य विरोध ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) की नई व्यवस्था को लेकर है। उनका तर्क है कि सरकार की नई नीतियां उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं और उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर रही हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:

हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिलहाल, ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

Ami News
Author: Ami News

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