लुधियाना-जालंधर सफर होगा आसान: सतलुज पर बनेगा 6-लेन नया पुल, केंद्र की हरी झंडी

लुधियाना/जालंधर : पंजाब के दो सबसे व्यस्त शहरों, लुधियाना और जालंधर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए केंद्र सरकार ने राहत का बड़ा पिटारा खोला है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सतलुज नदी पर एक नए 6-लेन ब्रिज के निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल ट्रैफिक की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि दशकों से चले आ रहे जाम का झंझट भी खत्म होगा।
250 करोड़ की लागत, NHAI करेगा निर्माण
मिली जानकारी के अनुसार, इस भव्य प्रोजेक्ट को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की देखरेख में पूरा किया जाएगा। इस पुल के निर्माण पर करीब 200 से 250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह ब्रिज एनएच-44 पर लाडोवाल के पास स्थित वर्तमान बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।
लाडोवाल के ‘जाम’ से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में लाडोवाल और उसके आसपास का इलाका ट्रैफिक के लिए एक बड़ा ‘बॉटलनेक’ बना हुआ है। पुराने पुलों पर दबाव अधिक होने के कारण यहां अक्सर कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है, जिससे यात्रियों के घंटों बर्बाद होते हैं।
- नया विकल्प: 6-लेन का यह नया पुल यातायात के दबाव को पूरी तरह बांट देगा।
- समय की बचत: लुधियाना से जालंधर की दूरी तय करने में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी।

आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई दूरगामी आर्थिक लाभ होंगे:
-
- व्यापार में सुगमता: लुधियाना (औद्योगिक हब) और जालंधर के बीच माल की ढुलाई तेज और सस्ती होगी।
- कनेक्टिविटी: दोनों शहरों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
- ईंधन की बचत: जाम खत्म होने से वाहनों के ईंधन की खपत कम होगी, जिससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
”यह ब्रिज न केवल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले समय में क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर (Milestone) साबित होगा।” — सूत्र, NHAI

मुख्य बातें एक नजर में:
-
- प्रोजेक्ट: सतलुज नदी पर 6-लेन ब्रिज।
- स्थान: लाडोवाल (लुधियाना-जालंधर हाईवे)।
- अनुमानित बजट: ₹200 से ₹250 करोड़।
- मुख्य लाभ: जाम से मुक्ति और तेज ट्रांसपोर्टेशन।








