4 अप्रैल 2026 आज का खास दिन
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य: बारूदी सुरंगों के प्रति जागरूकता का दिन
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज ‘अंतरराष्ट्रीय बारूदी सुरंग जागरूकता एवं सहायता दिवस’ (International Day for Mine Awareness) मनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिन दुनिया भर में युद्ध के अवशेषों और बिछाई गई बारूदी सुरंगों से होने वाले खतरों के प्रति लोगों को सचेत करने के लिए समर्पित है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करना है जो आज भी युद्ध के घातक हथियारों के साये में जी रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर, भारत में यह दिन सुरक्षा बलों और आपदा प्रबंधन इकाइयों के लिए विशेष होता है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों और बारूदी सुरंगों से प्रभावित इलाकों में जनजीवन को सुरक्षित बनाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। इसके अतिरिक्त, आज का दिन भारत के कई राज्यों में ‘ईस्टर सैटरडे’ (Easter Saturday) के रूप में भी मनाया जा रहा है, जो कल होने वाले ईस्टर संडे (प्रभु ईसा मसीह के पुनरुत्थान) की पूर्व संध्या पर एक शांत चिंतन और प्रार्थना का दिन है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: शनि देव और स्वाति नक्षत्र का संयोग
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन बेहद खास है क्योंकि यह शनिवार है। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन कर्मफल दाता और न्याय के अधिष्ठाता शनि देव को समर्पित है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आज शनि देव की आराधना करने से ‘साढ़े साती’ और ‘ढैय्या’ के कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही, आज संकटमोचन हनुमान जी की पूजा का भी विशेष विधान है, क्योंकि हनुमान जी की भक्ति करने वालों पर शनि देव की टेढ़ी दृष्टि का प्रभाव नहीं पड़ता।
आज का विस्तृत पंचांग: 4 अप्रैल 2026
आज का पंचांग ग्रहों और नक्षत्रों की एक शुभ स्थिति की ओर संकेत कर रहा है। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो चुकी है, जो आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

मुख्य पंचांग विवरण:
- तिथि: वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया (सुबह 10:08 बजे तक), इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
- नक्षत्र: आज स्वाति नक्षत्र रात 09:35 बजे तक रहेगा। स्वाति नक्षत्र के देवता ‘वायुदेव’ हैं, जो गतिशीलता और स्वतंत्रता के प्रतीक हैं।
- योग: आज हर्षण योग का प्रभाव रहेगा, जो प्रसन्नता और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।
- चंद्र राशि: चंद्रमा आज तुला राशि में संचरण करेंगे।
शुभ और अशुभ समय (मुहूर्त):
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:54 बजे तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वोत्तम)।
- अमृत काल: दोपहर 11:58 बजे से 01:43 बजे तक।
- राहुकाल: सुबह 09:25 बजे से 10:57 बजे तक (इस समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए)।
- सूर्योदय: सुबह 06:20 बजे | सूर्यास्त: शाम 06:39 बजे।

आज का विशेष संदेश
पंचांग और ग्रह स्थिति के अनुसार, आज का दिन नई योजनाओं की शुरुआत और पुराने लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए अनुकूल है। शनिवार होने के कारण शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना और जरूरतमंदों को तिल, तेल या काले वस्त्रों का दान करना विशेष फलदायी रहेगा।









