हिमाचल में बिजली सस्ती: उपभोक्ताओं को 1 पैसे की राहत, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

शिमला: हिमाचल प्रदेश के करीब 28 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (HP Electricity Regulatory Commission) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नया बिजली टैरिफ जारी कर दिया है। आयोग ने इस बार सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 1 पैसा प्रति यूनिट की कटौती करने का निर्णय लिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएंगी।
आपूर्ति लागत में आई कमी का मिला लाभ
आयोग के अनुसार, बिजली दरों में इस कटौती का मुख्य कारण बिजली आपूर्ति की औसत लागत में आई गिरावट है।
- पिछले वित्त वर्ष: बिजली की औसत लागत 6.76 रुपये प्रति यूनिट थी।
- आगामी वित्त वर्ष: यह घटकर 6.75 रुपये प्रति यूनिट रह गई है।
लागत में इसी 1 पैसे की कमी का लाभ सीधे आम जनता, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को देने का फैसला किया गया है।

विद्युत बोर्ड की वित्तीय स्थिति का आकलन
नियामक आयोग ने आगामी वित्त वर्ष के लिए राज्य विद्युत बोर्ड की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) का भी अनुमान लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक:
- 2026-27 के लिए अनुमानित बजट: 8,636.16 करोड़ रुपये।
- पिछले साल का बजट: 8,403.25 करोड़ रुपये।
हालाँकि राजस्व आवश्यकता में पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, लेकिन परिचालन दक्षता और लागत प्रबंधन के चलते उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय उन्हें राहत दी गई है।

किसे मिलेगा फायदा?
यह कटौती यूनिवर्सल है, जिसका अर्थ है कि:
- घरेलू उपभोक्ता: मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बिल में मामूली गिरावट आएगी।
- औद्योगिक इकाइयां: उद्योगों के लिए उत्पादन लागत कम करने में मदद मिलेगी।
- व्यावसायिक संस्थान: दुकानों और होटलों के बिजली खर्च में बचत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही 1 पैसे की कटौती प्रतीकात्मक लगे, लेकिन बढ़ती महंगाई के दौर में दरों को स्थिर रखना और उनमें कटौती करना राज्य की ऊर्जा नीति की एक बड़ी उपलब्धि है।








