मसल्स बनाने की होड़ में कहीं भारी न पड़ जाए ‘प्रोटीन सप्लीमेंट’, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

नई दिल्ली: आजकल फिट रहने और आकर्षक बॉडी बनाने के लिए जिम जाने वाले युवाओं में प्रोटीन सप्लीमेंट का क्रेज तेजी से बढ़ा है। एथलीट हों या मसल्स बनाने के शौकीन युवा, वे इसे अपनी डाइट का अनिवार्य हिस्सा मान रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बिना डॉक्टरी सलाह के और जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन शरीर के लिए वरदान के बजाय अभिशाप साबित हो सकता है।
क्यों जरूरी है प्रोटीन?
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। यह न केवल मसल्स (मांसपेशियों) को मजबूत बनाने और ऊतकों (tissues) की मरम्मत करने में मदद करता है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को भी बेहतर बनाता है। लेकिन इसकी अधिकता शरीर के अंगों पर दबाव डाल सकती है।

लिवर के लिए पैदा हो सकता है जोखिम
दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल की पूर्व डायटिशियन डॉ. अनामिका गौर के अनुसार, “अगर आपका लिवर स्वस्थ है, तो सामान्य मात्रा में प्रोटीन सप्लीमेंट लेना सुरक्षित है। लेकिन लंबे समय तक इसका अत्यधिक सेवन मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं पर बोझ डालता है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।”
डॉक्टरों का यह भी कहना है कि कई सप्लीमेंट्स में फ्लेवर, प्रिज़र्वेटिव और कृत्रिम एडिटिव्स होते हैं, जो लिवर के अनुकूल नहीं होते। जिनका लिवर पहले से कमजोर है, उन्हें बिना विशेषज्ञ की सलाह के हाई-डोज सप्लीमेंट से बचना चाहिए।
अत्यधिक सेवन के लक्षण और दुष्प्रभाव
शरीर में प्रोटीन की मात्रा जरूरत से ज्यादा होने पर शरीर कई संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:
- पाचन संबंधी समस्याएं: गैस, कब्ज, अपच और डायरिया।
- किडनी पर दबाव: लंबे समय तक अधिक सेवन से किडनी पर बोझ बढ़ता है, जिससे यूरिन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
- अन्य लक्षण: बार-बार प्यास लगना, अत्यधिक थकान, सिरदर्द और वजन में असंतुलन।

कितनी मात्रा है सही?
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति के वजन, उम्र और उसकी शारीरिक सक्रियता पर निर्भर करती है।
- सामान्य व्यक्ति: 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन (जैसे 60 किलो वजन पर 60 ग्राम प्रोटीन)।
- एथलीट/जिम जाने वाले: इन्हें सामान्य से थोड़ी अधिक मात्रा की जरूरत हो सकती है।
सावधानी ही बचाव है:
सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपनी डाइट का आकलन करें। कोशिश करें कि प्रोटीन की कमी प्राकृतिक भोजन से पूरी हो। यदि सप्लीमेंट की आवश्यकता है, तो हमेशा डॉक्टर या सर्टिफाइड न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही इसे अपनी डाइट में शामिल करें।








