अमृतसर: वेयरहाउस मैनेजर रंधावा की खुदकुशी पर सियासत गरमाई, भाजपा ने लगाया मंत्री पर गंभीर आरोप
तरुण चुघ का तीखा हमला: ‘ईमानदारी की सजा प्रताड़ना’, मंत्री लालजीत भुल्लर पर धारा 302 और CBI जांच की मांग

अमृतसर : अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले ने राज्य के सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने इस घटना को लोकतंत्र और प्रशासनिक ढांचे के लिए ‘काला दिन’ करार देते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

‘मंत्री आवास पर हुई मारपीट और जबरन वसूली की कोशिश’
तरुण चुघ ने प्रेस को संबोधित करते हुए बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गगनदीप सिंह रंधावा एक ईमानदार अधिकारी थे, जिन्हें भ्रष्टाचार के आगे न झुकने की सजा अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। चुघ के अनुसार, रंधावा को कथित तौर पर एक कैबिनेट मंत्री के आवास पर बुलाकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी पर 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया और जबरन वीडियो बनाने की कोशिश की गई, ताकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके। चुघ ने कहा, “यह आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है।”
भ्रष्टाचार के चरम पर होने का आरोप
भाजपा नेता ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए सत्तासीन लोग राज्य को लूटने की होड़ में लगे हैं। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारियों पर अवैध कमीशन और उगाही के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा है। चुघ के मुताबिक, रंधावा का मामला इस बात का प्रमाण है कि पंजाब में भ्रष्टाचार अब संस्थागत रूप ले चुका है।

मुख्य मांगें: धारा 302 और CBI जांच
तरुण चुघ ने इस पूरे प्रकरण में कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि:
- मंत्री के खिलाफ हत्या (धारा 302) का मामला दर्ज किया जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे तुरंत CBI को सौंपा जाए।
- दोषी मंत्रियों और अधिकारियों को तुरंत पद से बर्खास्त किया जाए।
प्रशासनिक हलकों में शोक और रोष
इस घटना के बाद से पंजाब के प्रशासनिक अधिकारियों में भी भारी रोष देखा जा रहा है। रंधावा की मौत ने सरकारी महकमों में सुरक्षा और कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे सरकार को चैन से नहीं बैठने देंगे।








