इनटैक (INTACH) चुनाव: हिमाचल की मालविका पठानिया ने रचा इतिहास, देश भर में सर्वाधिक वोट पाकर गवर्निंग काउंसिल में शामिल

तेलंगाना के साथ संयुक्त रूप से हासिल किए सबसे ज्यादा वोट; 40 वर्षों के विरासत संरक्षण कार्यों को मिली राष्ट्रीय पहचान
ऋषि महाजन, (नूरपुर) : भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास (INTACH) के 41वें आम चुनाव में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। हिमाचल प्रदेश की राज्य संयोजक मालविका पठानिया ने गवर्निंग काउंसिल के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पूरे देश में हुए इन चुनावों में मालविका पठानिया ने तेलंगाना के उम्मीदवार के साथ संयुक्त रूप से सर्वाधिक मत प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
पहली बार हिमाचल को मिला इतना बड़ा प्रतिनिधित्व
यह गौरवपूर्ण क्षण इसलिए भी खास है क्योंकि इनटैक के इतने व्यापक चुनावी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश से किसी सदस्य ने न केवल सक्रिय भागीदारी की, बल्कि भारी मतों से जीत भी हासिल की। जानकारों का मानना है कि उनकी इस जीत के पीछे चार दशकों का लंबा अनुभव और धरातल पर किया गया ठोस कार्य है।

विरासत संरक्षण में 40 वर्षों का सफर
मालविका पठानिया पिछले 40 वर्षों से मूर्त (Tangible) और अमूर्त (Intangible) विरासत के संरक्षण में जुटी हैं। उनके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
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- वास्तुकला संरक्षण: पुरानी इमारतों और ऐतिहासिक ढांचों का रखरखाव।
- परंपराओं का पुनरुद्धार: लुप्त होती लोक कलाओं और संस्कृति को नई पहचान देना।
- विरासत शिक्षा: नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान।
- प्राकृतिक धरोहर: पर्यावरण और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा।
“मालविका जी का समर्पण और निरंतर कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है। यह जीत पूरे संगठन के लिए गर्व का विषय है।”
— अशोक ठाकुर, चेयरमैन, इनटैक

सम्मान और भविष्य का संकल्प
दिल्ली स्थित मुख्यालय में आयोजित वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान मालविका पठानिया को सम्मानित किया गया। अपनी जीत पर आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे देश भर के सदस्यों का समर्थन मिला। यह जीत मेरी जिम्मेदारी को और बढ़ाती है। मेरा लक्ष्य इनटैक को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और अपनी सांस्कृतिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाना है।”
इस अवसर पर देशभर से आए गणमान्य व्यक्ति और इनटैक के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने हिमाचल की इस उपलब्धि को सराहा।








