खैर तस्करों के मंसूबों पर फिरा पानी: बारिश और अंधेरे की आड़ में कर रहे थे तस्करी, वन विभाग ने दबोचा

धर्मशाला/इंदौरा : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में वन विभाग की टीम ने तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इंदौरा रेंज के मंगवाल ब्लॉक में मूसलाधार बारिश और घने अंधेरे का फायदा उठाकर खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे एक गिरोह को विभाग की मुस्तैदी ने बेनकाब कर दिया। हमीद मोहम्मद की अगुवाई में चली इस विशेष ‘नाइट पेट्रोलिंग’ (रात्रि गश्त) ने तस्करों के हौसले पस्त कर दिए हैं।

खराब मौसम को बनाया ढाल, पर टीम रही मुस्तैद
घटना गुरुवार रात की है, जब भारी बारिश के कारण सड़कें पूरी तरह सुनसान थीं। तस्करों ने सोचा कि खराब मौसम और अंधेरे के कारण वन विभाग की निगरानी ढीली होगी और वे आसानी से निकल जाएंगे। वे एक ऑल्टो K10 कार में अवैध लकड़ी लादकर भागने की फिराक में थे, लेकिन सतर्क टीम ने उन्हें बीच रास्ते में ही घेर लिया।
गाड़ी की तलाशी में बरामद हुए 13 मोछे
वन विभाग की टीम ने जब संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली, तो गाड़ी के अंदर से खैर की लकड़ी के 13 मोछे बरामद हुए। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। अवैध लकड़ी के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी ज़ब्त कर लिया गया है।

पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज, विभाग सख्त
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ डमटाल थाने में विभिन्न सख्त धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। इस सफल ऑपरेशन के बाद से पूरे इलाके के लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है।
“इंदौरा में अब ‘नो टॉलरेंस’ की नीति है। चाहे बारिश हो, रात का अंधेरा हो या कोई भी बहाना—वन संपदा की तस्करी करने वालों का अगला ठिकाना अब सिर्फ जेल है।”
— हमीद मोहम्मद, टीम लीडर (वन विभाग)








