लक्की ओबेरॉय हत्याकांड: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, विदेश से रची गई साजिश का पर्दाफाश

10 संदिग्ध हिरासत में, मुख्य शूटर गुरताज सिंह अभी भी फरार; जोगा फोल्डीवाल के इशारे पर हुई हत्या
चर्चित लक्की ओबेरॉय हत्याकांड में पुलिस ने घटना के 38वें दिन एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की विशेष टीमों ने शहर के 10 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। हालांकि, हत्याकांड का मुख्य शूटर गुरताज सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है।
विदेश से जुड़े हैं तार
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लक्की ओबेरॉय की हत्या की पूरी पटकथा विदेश में बैठे जोगा फोल्डीवाल ने लिखी थी। पुलिस के अनुसार, फोल्डीवाल के नेटवर्क के जरिए ही शूटरों को फंडिंग, अत्याधुनिक हथियार और रसद मुहैया कराई गई थी। हिरासत में लिए गए लोग इसी नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं, जो लॉजिस्टिक्स और रेकी में शामिल थे।

नशे और अवैध हथियारों का कनेक्शन
पकड़े गए युवकों पर न केवल हत्या की साजिश में शामिल होने का संदेह है, बल्कि उनके तार अवैध हथियारों की तस्करी और नशे के कारोबार से भी जुड़े होने की आशंका है। पुलिस ने सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। साइबर सेल मोबाइल डेटा और लोकेशन के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय और उसके बाद ये लोग किन-किन के संपर्क में थे।
”हमारी प्राथमिकता मुख्य शूटर गुरताज सिंह को गिरफ्तार करना है। हमें संदेह है कि स्थानीय नेटवर्क ने उसे छिपने में मदद की है। जोगा फोल्डीवाल के पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए अभियान जारी रहेगा।” — पुलिस प्रवक्ता
छापेमारी के दौरान ड्रामा: आरोपी भागने में रहा विफल
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस बल ने घेराबंदी की और महज दो घंटे के भीतर उसे दोबारा दबोच लिया।

प्रमुख बिंदु:
- 38 दिन बाद कार्रवाई: हत्याकांड के 38 दिन बीतने के बाद पुलिस ने शिकंजा कसा।
- अलर्ट पर पुलिस: जांच में सामने आया है कि मुख्य साजिशकर्ता भविष्य में भी हमले कर सकता है, जिसे देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- नेटवर्क की तलाश: एजेंसियां उन मददगारों की पहचान कर रही हैं जिन्होंने गुरताज सिंह को फरार होने में सहायता की।
फिलहाल, हिरासत में लिए गए संदिग्धों से गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मुख्य शूटर का सुराग हाथ लगेगा और इस पूरे कांड के पीछे के अन्य सफेदपोश चेहरों का भी खुलासा होगा।








