साहनेवाल: दो साल से बंधक बना मंदबुद्धि युवक आजाद, पशुओं के डेरे में दी जा रही थी यातनाएं

मुख्य बिंदु:
- आरोपी भोलू खान के चंगुल से ‘धन-धन बाबा रतन देव जी चैरिटेबल सोसाइटी’ ने करवाया रेस्क्यू।
- सोशल मीडिया पर पोस्ट देख मां ने पहचाना अपना बेटा; दो साल बाद हुआ मिलन।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ शुरू की कानूनी कार्रवाई।
साहनेवाल/गांव टिब्बा : मानवीय संवेदनाओं को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां गांव टिब्बा में एक बेबस मंदबुद्धि युवक को पिछले दो वर्षों से बंधक बनाकर उससे जबरन मजदूरी करवाई जा रही थी। इस “अंधेरे साम्राज्य” का पर्दाफाश तरनतारन की ‘धन-धन बाबा रतन देव जी चैरिटेबल सोसाइटी’ के सदस्यों ने किया है। संस्था ने न केवल युवक को नर्क भरी जिंदगी से आजाद करवाया, बल्कि उसे उसके परिवार से भी मिलवाया।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
संस्था के प्रधान जगजीत सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि भोलू खान नामक व्यक्ति ने अपने निजी स्वार्थ के लिए एक मंदबुद्धि युवक को अवैध तरीके से कैद कर रखा है। आरोपी उस युवक से दिन-रात अपने पशुओं का गोबर उठवाता और कूड़ा-कर्कट साफ करवाता था। युवक को न तो सही ढंग से खाना दिया जाता था और न ही आराम; उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
सोशल मीडिया बना मददगार
सूचना मिलते ही संस्था के सदस्य 22 फरवरी को गांव टिब्बा स्थित भोलू खान के डेरे पर पहुंचे और छापेमारी कर युवक को मुक्त करवाया। रेस्क्यू के बाद जब संस्था ने पीड़ित की फोटो और घटना की जानकारी फेसबुक पर साझा की, तो उसकी पहचान ‘इम्तियाज’ के रूप में हुई। पोस्ट देखते ही युवक की मां बीबी जोहरा ने संस्था से संपर्क किया और अपने बेटे को पहचाना।

कानूनी कार्रवाई शुरू
बेटे के मिलने के बाद मां के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी भोलू खान के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने युवक की मजबूरी का फायदा उठाकर उसे बंधक बनाया, जो कि एक गंभीर अपराध है। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
”किसी बेबस को बंधक बनाकर उससे जबरन काम करवाना कानूनन और नैतिक रूप से अपराध है। हमारी संस्था का मकसद ऐसे ही असहाय लोगों को न्याय दिलाना है।”
— जगजीत सिंह, प्रधान (चैरिटेबल सोसाइटी)








