पंजाब और हिमाचल के बीच छिड़ा ‘टैक्स वार’, हिमाचल से आने वाली गाड़ियों पर लग सकता है एंट्री टैक्स

चंडीगढ़/शिमला: हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच अब सड़कों पर ‘टैक्स वार’ छिड़ने के आसार बन गए हैं। हिमाचल सरकार द्वारा बाहरी राज्यों की गाड़ियों पर एंट्री टैक्स (Entry Tax) में भारी बढ़ोतरी किए जाने के बाद अब पंजाब सरकार भी ‘जैसे को तैसा’ (Tit-for-Tat) की रणनीति अपनाने की तैयारी में है। चर्चा है कि पंजाब सरकार जल्द ही हिमाचल नंबर की गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने का बड़ा फैसला ले सकती है।
क्यों बढ़ा विवाद?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से गैर-हिमाचली वाहनों पर एंट्री टैक्स की दरों में बड़ा इजाफा करने का निर्णय लिया है। नई दरों के लागू होते ही बाहरी राज्यों से आने वाली निजी कारों को अब 70 रुपये के बजाय 170 रुपये चुकाने होंगे। पंजाब सरकार के सूत्रों का कहना है कि हिमाचल के इस एकतरफा फैसले का असर पंजाब के पर्यटकों और व्यापारियों पर पड़ेगा, जिसके जवाब में अब पंजाब भी अपनी सीमा पर टैक्स वसूलने पर विचार कर रहा है।
नई टैक्स दरों का तुलनात्मक विवरण (हिमाचल प्रदेश)
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वाहन का प्रकार |
वर्तमान टैक्स (लगभग) |
नई दरें (1 अप्रैल 2026 से) |
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निजी कार |
₹70 |
₹170 |
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मिनी बस |
₹140 – ₹200 |
₹320 |
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वाणिज्यिक बस |
₹300 – ₹400 |
₹600 |
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भारी मालवाहक वाहन |
₹500 – ₹600 |
₹900 |
कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रही पंजाब सरकार
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी फिलहाल इस प्रस्ताव के कानूनी पहलुओं (Legal Aspects) का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं ताकि इसे लागू करने में कोई संवैधानिक अड़चन न आए। यदि यह टैक्स लागू होता है, तो रोजाना हिमाचल से पंजाब आने वाले हजारों नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
आम जनता पर दोहरी मार
पंजाब और हिमाचल के बीच इस खींचतान का सबसे ज्यादा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। खास तौर पर पर्यटन के लिए जाने वाले लोगों और अंतर-राज्यीय परिवहन सेवाओं के किराए में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
“हम पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय चाहते हैं, लेकिन यदि हमारे राज्य के नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डाला जाएगा, तो हमें अपने हितों की रक्षा के लिए कदम उठाने होंगे।”
— सूत्र, पंजाब परिवहन विभाग








