हिमाचल को मिला नया संवैधानिक मुखिया: कविंद्र गुप्ता ने ली राज्यपाल पद की शपथ

शिमला : हिमाचल प्रदेश के राजनैतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता कविंद्र गुप्ता ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के 30वें राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। शिमला स्थित लोकभवन के दरबार हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्होंने प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख का कार्यभार संभाला।
मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधवालिया ने कविंद्र गुप्ता को पद की शपथ दिलाई। उन्होंने निवर्तमान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का स्थान लिया है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद नवनियुक्त राज्यपाल को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया।
सत्ता पक्ष और विपक्ष की दिखी एकजुटता
समारोह की खास बात पक्ष और विपक्ष के नेताओं की मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुष्पगुच्छ भेंट कर नए राज्यपाल का अभिनंदन किया। इस अवसर पर:
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- उपमुख्यमंत्री: मुकेश अग्निहोत्री
- विधानसभा अध्यक्ष: कुलदीप सिंह पठानिया
- विपक्ष के नेता: जयराम ठाकुर
- कैबिनेट मंत्री: डॉ. धनीराम शांडिल सहित अन्य मंत्रीगण और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
”राज्यपाल का पद मेरे लिए केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती है। मैं प्रदेश के समग्र विकास और जन कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से काम करूँगा।” — कविंद्र गुप्ता, राज्यपाल

सोमवार को हुआ था भव्य स्वागत
बता दें कि कविंद्र गुप्ता अपनी धर्मपत्नी बिंदु गुप्ता के साथ सोमवार शाम को ही शिमला पहुँच गए थे। उनके आगमन पर लोकभवन में मुख्यमंत्री सुक्खू और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संयुक्त रूप से उनकी अगवानी की थी, जो प्रदेश की स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं की एक सुंदर तस्वीर पेश करता है।

विकास की नई रूपरेखा
मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना है। उन्होंने हिमाचल की उन्नति में सक्रिय योगदान देने और राजभवन के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता दोहराई।








