शिमला पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: पंजाब से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार

शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चिट्टे (हेरॉइन) के काले कारोबार के खिलाफ सदर थाना पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने ‘बैकवर्ड लिंकेज’ की कड़ियां जोड़ते हुए पंजाब के तरनतारन निवासी एक मुख्य आरोपी को चंडीगढ़ से दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी चरणजीत सिंह उर्फ विक्की (38) पहले भी नशा तस्करी के मामलों में संलिप्त रहा है।
चंडीगढ़ से दबोचा गया मुख्य सप्लायर
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी चरणजीत सिंह पुत्र स्वर्ण सिंह, निवासी गांव व डाकघर अमरकोट, तहसील पट्टी (तरनतारन) को सेक्टर-28सी, चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी चंडीगढ़ के सेक्टर-36 थाने में एन.डी.पी.एस. (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज है, जो उसके पेशेवर तस्कर होने की पुष्टि करता है।

ऐसे जुड़ती गई कड़ियां
इस कार्रवाई की नींव 5 मार्च को पड़ी थी, जब सदर थाना शिमला की टीम ने पंजाब के ही दो युवकों— बलजिंदर सिंह (28) और लवप्रीत सिंह (23) को 5.990 ग्राम चिट्टे के साथ रंगे हाथों पकड़ा था।
- रिमांड में खुलासा: दोनों आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की गई।
- डिजिटल साक्ष्य: पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रांजेक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया।
- सप्लाई चेन: जांच में सामने आया कि पकड़े गए युवकों को नशे की खेप चरणजीत सिंह उर्फ विक्की ने ही उपलब्ध करवाई थी।

आंकड़ों में शिमला पुलिस की कार्रवाई
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का अभियान बेहद आक्रामक है। इस वर्ष के आंकड़े पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाते हैं:
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विवरण |
संख्या |
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दर्ज मामले (NDPS Act) |
68 |
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कुल गिरफ्तारियां |
128 |
हमारा मुख्य लक्ष्य केवल नशा पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करना है। आरोपी चरणजीत को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।”
— गौरव सिंह, एसएसपी शिमला








