पहाड़ों में गूंजेगी फिर से छुक-छुक: 4 साल बाद पठानकोट-जोगेंद्रनगर ट्रैक पर बहाल होगी रेल सेवा

कांगड़ा/पठानकोट: पहाड़ों की वादियों में पसरा चार साल का लंबा सन्नाटा अब टूटने वाला है। उत्तर रेलवे ने पठानकोट-जोगेंद्रनगर ऐतिहासिक रेल खंड पर गाड़ियों के संचालन का रास्ता साफ कर दिया है। 9 मार्च से इस ट्रैक पर फिर से पहिए दौड़ने की उम्मीद है, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों का सफर सुगम होगा, बल्कि देवभूमि के पर्यटन को भी नई संजीवनी मिलेगी।
जनता के संघर्ष की हुई जीत
इस रेल मार्ग की बहाली केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जन-आंदोलन की जीत है। ‘लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान’ के बैनर तले पीसी विश्वकर्मा की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने दिल्ली के जंतर-मंतर तक अपनी आवाज़ बुलंद की थी। पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को सौंपे गए ज्ञापनों का ही असर है कि रेलवे ने मार्च तक सेवाएं बहाल करने का अपना वादा पूरा किया है।

नया सफरनामा: क्या रहेगा ट्रेनों का समय?
उत्तर रेलवे मंडल जम्मू द्वारा जारी नई समयसारिणी के अनुसार, कनेक्टिविटी को बैजनाथ, पठानकोट, नूरपुर और ज्वालामुखी रोड के बीच केंद्रित किया गया है:
पठानकोट/नूरपुर से बैजनाथ की ओर:
- पहली ट्रेन: पठानकोट से सुबह 5:00 बजे (बैजनाथ आगमन: दोपहर 12:00 बजे)
- दूसरी ट्रेन: पठानकोट से सुबह 7:00 बजे (बैजनाथ आगमन: दोपहर 1:40 बजे)
- ज्वालामुखी रोड से: दोपहर 2:30 बजे (बैजनाथ आगमन: शाम 5:30 बजे)
- नूरपुर रोड से: दोपहर 2:10 बजे (बैजनाथ आगमन: रात 8:50 बजे)
बैजनाथ से वापसी का समय:
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- नूरपुर के लिए: सुबह 6:00 बजे प्रस्थान।
- ज्वालामुखी रोड के लिए: सुबह 9:30 बजे प्रस्थान।
- पठानकोट (दोपहर): दोपहर 2:15 बजे प्रस्थान।
- पठानकोट (शाम): दोपहर 3:40 बजे प्रस्थान।
”हमारा प्रयास है कि 9 मार्च से पठानकोट और बैजनाथ के बीच निर्बाध रेल सेवा शुरू हो जाए। इसके लिए विभाग ने समयसारिणी को अंतिम रूप दे दिया है।”
— विवेक कुमार, डीआरएम (उत्तर रेलवे मंडल जम्मू)

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख
धौलाधार की पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाला यह रेल मार्ग कांगड़ा और मंडी जिलों की जीवनरेखा है। ट्रेन सेवा शुरू होने से पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को सड़क मार्ग के महंगे किराए से भी बड़ी राहत मिलेगी।








