विधायक नीरज नैयर की पहल पर शुरू हुआ पेवर टाइलें बिछाने का काम; भूस्खलन से भी मिलेगी मुक्ति
चम्बा। चम्बा शहर से बालू बाजार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण वाया पक्काटाला मार्ग के दिन अब फिरने वाले हैं। सरकार और लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग को ‘चकाचक’ करने की कवायद शुरू कर दी है। साल नदी पर बने नए पुल से लेकर पक्काटाला ढांक तक पेवर टाइलें बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिससे आने वाले कुछ हफ्तों में हल्के वाहनों और दोपहिया वाहन चालकों को ऊबड़-खाबड़ रास्तों से निजात मिल जाएगी।

वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
गौरतलब है कि पक्काटाला से बालू तक के इस मार्ग के सुधारीकरण की मांग स्थानीय जनता पिछले कई वर्षों से कर रही थी। पहले यह रास्ता न केवल बेहद संकरा था, बल्कि पक्काटाला ढांक से गिरने वाले पत्थर राहगीरों और वाहनों के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे।

आधुनिक तकनीक से ढांक का उपचार
सदर विधायक नीरज नैयर की प्राथमिकताओं में शामिल इस परियोजना के तहत मार्ग का चौड़ीकरण (Widening) और अलाइनमेंट सुधारने का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। सुरक्षा की दृष्टि से:
- लगभग 100 से 300 फीट ऊंची ढांक को कंक्रीट स्प्रे (Shotcreting) के जरिए सुदृढ़ किया गया है।
- पत्थरों के गिरने की समस्या को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
क्यों खास है यह मार्ग?
इस मार्ग की महत्ता केवल यातायात तक सीमित नहीं है:
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- मोक्ष धाम का रास्ता: चम्बा शहर में मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए बालू स्थित मोक्ष धाम जाने हेतु इसी मार्ग का उपयोग होता है।
- मेडिकल कॉलेज कनेक्टिविटी: चम्बा अस्पताल से सरौल स्थित नए मेडिकल कॉलेज भवन तक आने-जाने वाले मरीजों और स्टाफ के लिए यह सबसे छोटा और सुगम वैकल्पिक मार्ग बनेगा।
विभागीय अपडेट: लोक निर्माण विभाग के अनुसार, पेवर टाइल बिछाने का काम अगले 4 से 5 हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में कार्य प्रगति पर होने के कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है।

स्थानीय निवासियों ने इस सकारात्मक बदलाव के लिए विधायक नीरज नैयर के प्रयासों की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग के तैयार होने से चम्बा शहर के मुख्य बाजार पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।








