वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

सावधान! डिलीवरी बॉक्स के नाम पर ‘डिजिटल डकैती’, एक गलत OTP और बैंक खाता खाली

सावधान! ‘गलत सामान’ ही नहीं, अब एक ‘गलत ओटीपी’ खाली कर सकता है आपका बैंक खाता

​ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन ने जहाँ हमारी जिंदगी आसान बनाई है, वहीं शातिर ठगों ने हमारे ‘डिलीवरी बॉक्स’ को अपना नया हथियार बना लिया है। अब खतरा केवल पैकेट में पत्थर निकलने तक सीमित नहीं है, बल्कि आपके मोबाइल पर आया एक ‘गलत ओटीपी’ आपकी उम्र भर की जमा-पूंजी पर हाथ साफ कर सकता है।

कैसे बुना जाता है ‘डिलीवरी ट्रैप’ का जाल?

​साइबर अपराधी खुद को नामी ई-कॉमर्स कंपनियों (जैसे फ्लिपकार्ट या अमेजॉन) का डिलीवरी एजेंट बताकर लोगों के घरों तक पहुँच रहे हैं। इनका तरीका बेहद शातिर है:

    1. अनजान ऑर्डर का झांसा: ठग अक्सर ऐसे पार्सल लेकर पहुँचते हैं जो आपने बुक ही नहीं किए होते।
    2. कैंसिलेशन का बहाना: जब आप कहते हैं कि यह ऑर्डर आपका नहीं है, तो वे इसे सिस्टम से ‘कैंसिल’ करने के नाम पर आपसे ओटीपी मांगते हैं।
    3. फर्जी लिंक का हमला: तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर वे आपके फोन पर एक लिंक भेजते हैं, जो वास्तव में मालवेयर या फिशिंग साइट होती है।

​”सुरक्षा के लिए शुरू की गई ‘ओटीपी-बेस्ड डिलीवरी’ की प्रक्रिया को ही अब ठग भ्रम का जाल बनाकर इस्तेमाल कर रहे हैं। सतर्कता ही इससे बचने का एकमात्र रास्ता है।”

रोहित मालपानी, डीआईजी साइबर क्राइम

सुरक्षा कवच: इन 5 बातों का रखें खास ख्याल

​साइबर विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन ने नागरिकों के लिए कुछ कड़े सुरक्षा सुझाव साझा किए हैं:

      • अजनबी पर भरोसा न करें: किसी भी संदिग्ध डिलीवरी एजेंट के साथ अपना ओटीपी साझा न करें। असली डिलीवरी ओटीपी तभी दें जब आप सुनिश्चित हों कि सामान आपने ही मंगाया है और वह आपके हाथ में है।
      • पहचान की पुष्टि: दरवाजे पर आए व्यक्ति की आईडी और कंपनी की साख को अच्छी तरह जांच लें। शक होने पर कंपनी के कस्टमर केयर पर बात करें।
      • पहले जांचें, फिर भुगतान: पार्सल स्वीकार करने या पेमेंट करने से पहले पैकेट की जांच कर लें कि अंदर वही सामान है जिसका आपने ऑर्डर दिया था।
      • वेरिफाइड गेटवे का उपयोग: पेमेंट के लिए हमेशा सुरक्षित और आधिकारिक ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। किसी अनजाने लिंक पर क्लिक करके भुगतान न करें।
      • ऑर्डर हिस्ट्री चेक करें: कोई भी अनजान पार्सल लेने से पहले अपने शॉपिंग ऐप के ‘माय ऑर्डर्स’ (My Orders) सेक्शन में जाकर स्टेटस जरूर देख लें।

निष्कर्ष: डिजिटल दुनिया में आपकी सावधानी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। अगर आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!