मनाली: करजां गांव में काष्ठकुणी शैली का मकान आग की भेंट, लाखों का नुकसान
आधी रात को मची चीख-पुकार, ग्रामीणों और दमकल विभाग की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

मनाली: पर्यटन नगरी मनाली के समीपवर्ती करजां गांव में बीती देर रात एक रिहायशी मकान में भीषण आग लग गई। देवदार की लकड़ी और पत्थर की नक्काशी से बनी पारंपरिक काष्ठकुणी शैली का यह मकान देखते ही देखते आग की लपटों से घिर गया। गनीमत यह रही कि समय रहते दमकल विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा संभाल लिया, जिससे न केवल जानमाल का बचाव हुआ बल्कि आसपास की करोड़ों की संपत्ति भी राख होने से बच गई।
आधी रात का तांडव
जानकारी के अनुसार, हादसा देर रात उस समय पेश आया जब ग्रामीण सोने की तैयारी कर रहे थे। अचानक स्थानीय निवासी निहाल चंद के घर की ऊपरी मंजिल से आग की ऊंची लपटें उठती देख गांव में हड़कंप मच गया। शोर मचते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए और अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। सूचना मिलते ही मनाली और पतलीकूहल से दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं।
संकरी गलियों में कड़ी मशक्कत
रात का अंधेरा और गांव की संकरी गलियां दमकल कर्मियों के लिए चुनौती बनीं, लेकिन टीम की फुर्ती और ग्रामीणों की एकजुटता के कारण आग को अन्य घरों तक फैलने से रोक लिया गया। आग बुझाने के दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

नुकसान का आकलन
इस अग्निकांड में निहाल चंद के मकान की ऊपरी मंजिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक:
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- कुल वित्तीय नुकसान: लगभग 6 लाख रुपये।
- बचाई गई संपत्ति: मुस्तैदी के कारण करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया गया।
”हमारी टीम ने सूचना मिलते ही मोर्चा संभाल लिया था। रिहायशी इलाका होने के कारण खतरा बड़ा था, लेकिन समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ी तबाही टल गई।”
— सरनपत, प्रभारी, मनाली अग्निशमन केंद्र

कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।








