देहरी कॉलेज के विद्यार्थियों ने चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में सीखीं शास्त्रीय संगीत की बारीकियाँ

सितार वादक पं. रामप्रपन्ना भट्टाचार्य और गायक अविनाश कुमार की प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों को किया मंत्रमुग्ध
देहरी (कांगड़ा):राजकीय महाविद्यालय देहरी के संगीत विभाग के विद्यार्थियों के लिए हाल ही में आयोजित एक शैक्षिक भ्रमण ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। विभाग के विद्यार्थी चंडीगढ़ स्थित सुप्रसिद्ध टैगोर थिएटर में आयोजित एक शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम के साक्षी बने, जहाँ उन्हें भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराइयों को निकट से समझने का अवसर मिला।

प्रमुख प्रस्तुतियाँ और रागों का ज्ञान:
कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात सितार वादक पं. रामप्रपन्ना भट्टाचार्य ने राग ‘श्याम कल्याण’ की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनके सितार वादन की बारीकियों ने विद्यार्थियों को राग की संरचना समझने में मदद की। इसके पश्चात, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक अविनाश कुमार ने अपनी गायकी से राग के भाव पक्ष और गहराई को जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों ने कलाकारों के माध्यम से:
- आलाप और तान का सही प्रयोग।
- रागों की जटिल संरचना।
- मंच पर प्रस्तुति शैली (Performance Style) के व्यावहारिक गुर सीखे।

मार्गदर्शन एवं भविष्य की योजना:
यह शैक्षिक भ्रमण संगीत विभाग के टीम इंचार्ज प्रो. सनी शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस तरह के अनुभवों से विद्यार्थियों का न केवल शैक्षणिक ज्ञान बढ़ता है, बल्कि उनमें व्यावहारिक समझ भी विकसित होती है।
संगीत विभागाध्यक्ष ने विद्यार्थियों के उत्साह की प्रशंसा करते हुए कहा कि भविष्य में भी छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास और कला के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने के लिए इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण और कार्यशालाएं आयोजित की जाती रहेंगी।
प्रमुख बिंदु (Highlights for Side Box):
- स्थान: टैगोर थिएटर, चंडीगढ़।
- कलाकार: पं. रामप्रपन्ना भट्टाचार्य (सितार) एवं अविनाश कुमार (गायन)।
- विशेष सीख: राग श्याम कल्याण, आलाप-तान और प्रस्तुति की तकनीक।








