28 फरवरी: जब विज्ञान और मानवता के साथ मुस्कुराएगा अंतरिक्ष

आज 28 फरवरी का दिन न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए विशेष महत्व रखता है। जहाँ भारत अपनी वैज्ञानिक विरासत का उत्सव मना रहा है, वहीं पूरी दुनिया स्वास्थ्य के प्रति एकजुटता दिखा रही है। इतना ही नहीं, आज शाम आसमान में एक ऐसी खगोलीय घटना होने जा रही है जो दशकों में एक बार देखने को मिलती है।
1. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: ‘विकसित भारत’ की नींव में महिलाएं
हर साल 28 फरवरी को भारत ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ (National Science Day) के रूप में मनाता है। यह दिन महान भौतिक विज्ञानी सर सी.वी. रमन द्वारा 1928 में की गई ‘रमन प्रभाव’ (Raman Effect) की खोज की याद में मनाया जाता है। इसी खोज के लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला था।
- वर्ष 2026 की थीम: इस साल का विषय “Women in Science: Catalyzing Viksit Bharat” (विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत के लिए उत्प्रेरक) रखा गया है।
- महत्व: यह थीम विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारतीय महिलाओं के बढ़ते योगदान और उनके नेतृत्व को समर्पित है। आज देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और अनुसंधान केंद्रों (जैसे ISRO, DRDO) में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
2. दुर्लभ रोग दिवस: 300 मिलियन लोगों के लिए एकजुटता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज ‘रेयर डिजीज डे’ (Rare Disease Day) मनाया जा रहा है। यह दिन उन बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए है जो बहुत कम लोगों में पाई जाती हैं, लेकिन जिनका इलाज बेहद महंगा और जटिल होता है।
- उद्देश्य: दुनिया भर में लगभग 30 करोड़ लोग किसी न किसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं। आज का दिन उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और शोध की मांग करने का है।
- प्रतीक: लोग आज सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थलों पर सतरंगी रंगों (Neon colors) के जरिए अपना समर्थन प्रदर्शित कर रहे हैं।
3. खगोलीय चमत्कार: ‘प्लैनेट परेड’ (ग्रहों का संगम)
आज की शाम खगोल प्रेमियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। वैज्ञानिक दृष्टि से आज आसमान में ‘सिक्स-प्लैनेट एलाइनमेंट’ यानी छह ग्रहों की एक कतार दिखाई देगी।
- क्या होगा खास: सूर्यास्त के लगभग 30 से 60 मिनट बाद बुध (Mercury), शुक्र (Venus), मंगल (Mars), बृहस्पति (Jupiter), शनि (Saturn) और यूरेनस (Uranus) एक सीधी रेखा जैसी आकृति में नजर आएंगे।
- कैसे देखें: इनमें से अधिकांश ग्रहों को बिना किसी दूरबीन के नंगी आंखों से देखा जा सकता है। यह एक अत्यंत दुर्लभ संयोग है जो ब्रह्मांड की भव्यता को दर्शाता है।
अन्य महत्वपूर्ण आयोजन
- नेशनल टूथ फेयरी डे: बच्चों के मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का एक रोचक दिन।
- रामादान का आरंभ: कई क्षेत्रों में आज से पवित्र माह रामादान की धार्मिक गतिविधियां भी शुरू हो रही हैं।

आज का पंचांग: फाल्गुन शुक्ल द्वादशी पर गोविंद पूजा और शनि प्रदोष का अद्भुत संयोग
आज शनिवार, 28 फरवरी 2026 है। हिंदू धर्मग्रंथों और वैदिक गणना के अनुसार, आज का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत फलदायी है। वर्तमान में फाल्गुन मास का शुक्ल पक्ष चल रहा है और आज द्वादशी तिथि है। शास्त्रों में फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को ‘गोविंद द्वादशी’ के रूप में जाना जाता है, जो भगवान विष्णु की कृपा पाने का विशेष अवसर है।
आज की तिथि और नक्षत्र गणना
आज द्वादशी तिथि सायंकाल 05:42 तक रहेगी, जिसके पश्चात त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। नक्षत्रों की बात करें तो आज पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 11:15 तक प्रभावी है, इसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होगा। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, जो आज के दिन किए गए धार्मिक कार्यों में शुभता और विस्तार का संचार करते हैं। आज का योग ‘शोभन’ है जो दोपहर 01:20 तक रहेगा, इसके उपरांत ‘अतिगण्ड’ योग का प्रभाव शुरू होगा।
सूर्य और चंद्र की स्थिति
आज सूर्योदय प्रातः 06:48 पर हुआ है और सूर्यास्त सायंकाल 06:20 पर होगा। चंद्रमा आज मिथुन राशि में संचरण कर रहे हैं, जो बौद्धिक कार्यों के लिए अनुकूल स्थिति है। चंद्रोदय का समय दोपहर 02:44 है, जबकि चंद्रास्त अगले दिन 1 मार्च की सुबह 04:30 पर होगा।

शुभ मुहूर्त और वर्जित समय
किसी भी मांगलिक या नए कार्य की शुरुआत के लिए आज ‘अभिजीत मुहूर्त’ दोपहर 12:11 से 12:57 तक रहेगा। इस समय अंतराल में किए गए कार्य सफल सिद्ध होते हैं। इसके विपरीत, राहुकाल प्रातः 09:41 से 11:08 तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्यों का आरंभ वर्जित माना जाता है। इसके अतिरिक्त यमगण्ड काल दोपहर 01:57 से 03:24 तक रहेगा।
विशेष योग: शनि प्रदोष का आगमन
आज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि द्वादशी तिथि शाम को समाप्त हो रही है और प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में त्रयोदशी तिथि विद्यमान रहेगी। शनिवार होने के कारण आज ‘शनि प्रदोष’ का व्रत और पूजन किया जाएगा। भगवान शिव और शनि देव की संयुक्त कृपा पाने के लिए यह दिन सर्वोत्तम है। विशेषकर वे लोग जो शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से प्रभावित हैं, उन्हें आज शाम शिव मंदिर में दीपदान करना चाहिए।
आज के धार्मिक उपाय और सावधानी
आज शनिवार का दिन है, इसलिए पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करना आर्थिक कष्टों से मुक्ति दिलाता है। आज ‘दिशाशूल’ पूर्व दिशा में है। यदि आपको पूर्व दिशा में लंबी यात्रा करनी है, तो अदरक या घी खाकर घर से निकलना शुभ रहेगा।
आज का विशेष मंत्र: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’
निष्कर्ष: आज का दिन हमें याद दिलाता है कि जिज्ञासा (विज्ञान), करुणा (स्वास्थ्य) और विस्मय (अंतरिक्ष) ही मानव सभ्यता को आगे ले जाते हैं। तो आज शाम रमन प्रभाव को याद करें, विज्ञान में महिलाओं के योगदान को सराहें और सूर्यास्त के बाद उस अद्भुत ‘ग्रहों की परेड’ को देखना न भूलें।








