27 फरवरी: साहित्य, सेहत और संरक्षण का अनूठा संगम; जानें आज का दिन क्यों है खास

आज यानी 27 फरवरी 2026 का दिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण कारणों से खास है। आज के दिन भाषा, समाज सेवा और स्वास्थ्य से जुड़े कई अहम दिवस मनाए जा रहे हैं:
राष्ट्रीय महत्व (भारत)
- मराठी भाषा गौरव दिन: आज का दिन महान मराठी कवि और लेखक विष्णु वामन शिरवाडकर (कुसुमाग्रज) की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इसे ‘मराठी राजभाषा दिवस’ के रूप में भी जाना जाता है, जो महाराष्ट्र की समृद्ध साहित्यिक विरासत और संस्कृति का सम्मान करने का दिन है।
- राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस (National Protein Day): भारत में आज के दिन लोगों को अपने आहार में पर्याप्त प्रोटीन की कमी और इसके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक किया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2020 में हुई थी।
- आंवला एकादशी (धार्मिक): हिंदू पंचांग के अनुसार, आज ‘आंवला एकादशी’ (जिसे रंगभरी ग्यारस भी कहते हैं) का पावन व्रत है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
अंतरराष्ट्रीय महत्व (International)
- विश्व एनजीओ दिवस (World NGO Day): आज का दिन उन सभी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को समर्पित है जो समाज सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। यह दिन उनके योगदान को पहचानने और उन्हें सम्मानित करने का अवसर है।
- अंतरराष्ट्रीय ध्रुवीय भालू दिवस (International Polar Bear Day): ग्लोबल वार्मिंग के कारण लुप्त हो रहे ध्रुवीय भालुओं (Polar Bears) के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आज का दिन वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है।
- डोमिनिकन गणराज्य का स्वतंत्रता दिवस: आज डोमिनिकन गणराज्य अपना राष्ट्रीय दिवस और स्वतंत्रता दिवस भी मनाता है।

आज का पंचांग: आमलकी एकादशी और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
भारतीय काल गणना के अनुसार आज 27 फरवरी 2026, शुक्रवार का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देशभर में ‘आमलकी एकादशी’ के रूप में मनाया जा रहा है। पंचांग की गणना बताती है कि आज का दिन न केवल व्रत और पूजन के लिए श्रेष्ठ है, बल्कि आज बन रहे विशेष ज्योतिषीय योग नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी अत्यंत शुभ हैं।
तिथि और नक्षत्र का गणित
आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। नक्षत्रों की बात करें तो आज ‘पुनर्वसु’ नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो सौभाग्य और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। आज चंद्रमा मिथुन राशि के उपरांत कर्क राशि में संचरण करेंगे, जिससे मानसिक शांति और संवेदनशीलता में वृद्धि होगी।
आमलकी एकादशी: क्यों है खास?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आमलकी एकादशी का संबंध आंवले के वृक्ष से है। माना जाता है कि सृष्टि की उत्पत्ति के समय भगवान विष्णु ने आंवले को आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया था। आज के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसे ‘रंगभरी एकादशी’ भी कहा जाता है, क्योंकि आज ही के दिन बाबा विश्वनाथ माता गौरा का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे, जिससे आज से होली के उत्सव का औपचारिक प्रारंभ भी माना जाता है।
आज के शुभ योग और मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ बन रहा है। यह एक ऐसा शुभ समय होता है जब किया गया कोई भी संकल्प या कार्य सिद्ध होता है।
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:10 से 06:01 तक।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:57 तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)।
- राहुकाल: पूर्वाह्न 11:07 से दोपहर 12:33 तक। शास्त्रों के अनुसार राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों और धन के लेन-देन से बचना चाहिए।
धार्मिक संदेश और सावधानी
आज के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। विशेषकर आंवले के फल का दान और सेवन आरोग्य प्रदान करने वाला माना गया है। एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को आज चावल का त्याग करना चाहिए और सात्विक दिनचर्या का पालन करना चाहिए। शुक्रवार का दिन होने के कारण माता लक्ष्मी की उपासना धन और समृद्धि के द्वार खोलती है।
कुल मिलाकर, आज का पंचांग कर्म और भक्ति के संतुलन का संदेश देता है। ग्रहों की स्थिति अनुकूल है, जो संकल्प शक्ति को मजबूती प्रदान करेगी।

क्या कहता है आज का दिन?
आज का दिन हमें “जागरूकता और सम्मान” का संदेश देता है। जहाँ एक ओर हम अपनी भाषाई जड़ों (मराठी दिवस) को याद करते हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य (प्रोटीन दिवस) और पर्यावरण (ध्रुवीय भालू दिवस) के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं।








