प्रशासन की मुस्तैदी: चुराह में होने वाला बाल विवाह रोका, बारात आने से पहले पहुंची टीम

चंबा/तीसा: जिला चंबा के चुराह उपमंडल में चाइल्ड हेल्पलाइन और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता से एक नाबालिग लड़की का भविष्य सुरक्षित होने से बच गया। बुधवार शाम को जिस घर में बारात का स्वागत होना था, वहां पुलिस और प्रशासन की टीम ने पहुंचकर शादी की रस्मों को रुकवा दिया।

गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा को गुप्त सूचना मिली थी कि चुराह के एक गांव में 16 वर्ष 11 महीने की नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए हेल्पलाइन समन्वयक कपिल शर्मा ने तुरंत सीडीपीओ तीसा को सूचित किया।
शाम को बारात पहुंचने वाली थी और घर में उत्सव का माहौल था, लेकिन इससे पहले कि फेरे होते, सीडीपीओ तीसा, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर दस्तक दे दी।
पंडित और दूल्हा पक्ष को सख्त हिदायत
प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल शादी रुकवाई, बल्कि कड़े कानूनी प्रावधानों से भी अवगत कराया। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर पूजा देवी ने स्पष्ट किया कि:
- यदि विवाह संपन्न होता, तो दूल्हा और दोनों पक्षों के माता-पिता पर मामला दर्ज होता।
- विवाह करवाने वाले पंडित के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाती।

परिजनों ने दी लिखित सहमति
सीडीपीओ तीसा बीना देवी ने बताया कि परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। टीम की काउंसलिंग के बाद:
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- परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की।
- लड़की के बयान दर्ज किए गए।
- परिजनों ने लिखित में आश्वासन दिया कि लड़की के 18 वर्ष की आयु (बालिग) पूर्ण करने के बाद ही उसकी शादी की जाएगी।
”सूचना मिलते ही हमने संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाया। हमारा उद्देश्य नाबालिग के अधिकारों की रक्षा करना था, जिसमें टीम सफल रही।”
— कपिल शर्मा, समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा








