हाईकोर्ट से अकाली नेत्री कंचनप्रीत कौर को बड़ी राहत, ‘आप’ सरकार पर साधा निशाना

चंडीगढ़,पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल की प्रमुख नेता कंचनप्रीत कौर को दो महत्वपूर्ण मामलों में अग्रिम जमानत दे दी है। यह फैसला आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

मामला क्या है?
अदालत से राहत मिलने के बाद कंचनप्रीत कौर को एफआईआर नंबर 261 और 240 में अग्रिम जमानत मिल गई है। इससे पहले उन्हें कानूनी कार्रवाई के चलते गिरफ्तारी का भय सता रहा था।
‘झूठे मामले’ दर्ज करने का आरोप
मीडिया से बातचीत करते हुए कंचनप्रीत कौर ने पंजाब सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कुल 5 “झूठे मामले” राजनीतिक रंजिश के चलते दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा, “पहले 3 मामलों में मुझे राहत मिल चुकी थी और अब बाकी 2 मामलों में भी हाईकोर्ट ने जमानत देकर सच की जीत सुनिश्चित की है।”
नेतृत्व और वकीलों का आभार
नेत्री ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व हमेशा कार्यकर्ताओं के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहता है। उन्होंने अपनी कानूनी टीम को भी धन्यवाद दिया।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा बयान
जमानत मिलने के बाद उत्साहित कंचनप्रीत ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए थे, लेकिन वे अदालत में टिक नहीं पाए। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने दावा किया कि उस समय तक आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह विफल साबित होगी और जनता उन्हें सत्ता से बाहर कर देगी।

राजनीतिक अहमियत
गौरतलब है कि कंचनप्रीत कौर की माता सुखविंदर कौर रंधावा तरनतारन उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार रह चुकी हैं। चुनाव के बाद से ही इस पूरे मामले को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।








