बर्फबारी के बाद चंबा में बागवानी को पंख: उद्यान विभाग ने शुरू किया उन्नत किस्म के सेब के पौधों का वितरण

चंबा (जितेंद्र मेहरा): जिले के विभिन्न उपमंडलों में सेब के पौधों की खेप पहुंचने से बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद जहां एक ओर कड़ाके की ठंड बढ़ गई थी, वहीं अब समय पर उन्नत किस्म के सेब के पौधों की उपलब्धता ने बागवानी कार्यों को नई गति प्रदान की है।

नमी का लाभ: रोपण के लिए उपयुक्त समय
जानकारी के अनुसार, कृषि एवं उद्यान विभाग ने उपमंडल स्तर पर सेब की विभिन्न उन्नत किस्मों के पौधे उपलब्ध करवाए हैं। स्थानीय बागवानों का कहना है कि बर्फबारी के बाद जमीन में पर्याप्त नमी मौजूद है, जो नए पौधों के रोपण के लिए वैज्ञानिक दृष्टि से सबसे उपयुक्त समय है। पौधों की समय पर आपूर्ति से न केवल उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि भविष्य में यह बागवानों के लिए आर्थिक मजबूती का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

तकनीकी मार्गदर्शन भी दे रहा विभाग
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष बागवानी को विशेष प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सेब के साथ-साथ अन्य फलदार पौधों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। विभाग द्वारा वितरण केंद्रों पर बागवानों को तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे वैज्ञानिक विधि से पौधारोपण कर सकें और पौधों के जीवित रहने की दर (Survival Rate) को बढ़ाया जा सके।

“बागवानों को उच्च गुणवत्ता वाले सेब के पौधे उपलब्ध करवाना हमारी प्राथमिकता है। इस बार बर्फबारी के बाद मिट्टी में नमी का स्तर बहुत अच्छा है, जो पौधों की जड़ों के विकास के लिए सहायक होगा। हमने सभी उपमंडलों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया है।” > — डॉ. प्रमोद शाह, उद्यान उपनिदेशक, चंबा

रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं (Log Sheet Points):
- उद्देश्य: जिले में बागवानी उत्पादन और आर्थिक स्थिति को सुधारना।
- प्रमुख क्षेत्र: चंबा जिला और इसके विभिन्न उपमंडल।
- प्रक्रिया: उपमंडल स्तर पर बने केंद्रों के माध्यम से पौधों का पारदर्शी वितरण।
- राहत: बागवानों को अब अच्छी किस्म के पौधों के लिए जिले से बाहर नहीं जाना होगा।
इस पहल से क्षेत्र में बागवानी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं, जिससे आने वाले वर्षों में चंबा के सेब की मिठास और बढ़ने की संभावना है।








