पंजाब में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्र ने खोला खजाना: मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया- 25 गुना बढ़ा बजट

पंजाब के मालवा क्षेत्र और राजधानी चंडीगढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। फिरोजपुर रेल मंडल के तहत आने वाले दोराहा में लेवल क्रॉसिंग नंबर 164 ए.बी. पर बनने वाला अत्याधुनिक 4-लेन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) क्षेत्र की तस्वीर बदलने जा रहा है। पिछले 12 वर्षों से इस फाटक पर लगने वाले भारी जाम से जूझ रहे स्थानीय लोगों और यात्रियों को अब जल्द ही राहत मिलेगी।
एक साल के भीतर पूरा होगा निर्माण
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस ओवरब्रिज के निर्माण पर लगभग 70.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार ने इसे अगले एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर शुरू किया जा रहा है ताकि आम जनता के लिए इसे जल्द से जल्द खोला जा सके।
”इस फाटक की वजह से पिछले एक दशक से अधिक समय से लोग परेशान थे। अब निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि मालवा और राजधानी के बीच यातायात सुगम हो सके।” — रवनीत सिंह बिट्टू, केंद्रीय मंत्री

पंजाब में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प (एक नज़र में)
पंजाब में इस समय रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। मंत्री द्वारा साझा किए गए प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 166 स्थानों पर काम जारी: राज्य भर में 166 जगहों पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB), अंडरब्रिज (RUB) और लो-हाइट सबवे बनाए जा रहे हैं।
- 1,480 करोड़ का निवेश: इन सभी छोटे-बड़े निर्माण कार्यों पर कुल 1,480.09 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
- बजट में ऐतिहासिक उछाल: 2009-2014 के दौर की तुलना में पंजाब के लिए वार्षिक रेलवे बजट 25 गुना बढ़कर अब 5,673 करोड़ रुपये हो गया है।
- कुल चालू परियोजनाएं: वर्तमान में राज्य में करीब 26,382 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं।

अमृत भारत योजना: 30 स्टेशनों का होगा मेकओवर
रेलवे केवल पटरियों और पुलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यात्री सुविधाओं को भी विश्व स्तरीय बनाया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पंजाब के 30 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है। इन स्टेशनों के पुनर्विकास पर लगभग 1,311 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे यात्रियों को स्टेशनों पर आधुनिक वेटिंग हॉल, बेहतर लाइटिंग और डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी।
परियोजना का महत्व:
यह ओवरब्रिज न केवल समय की बचत करेगा बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण को कम करने में भी सहायक होगा। इसके बनने से रूपनगर और लुधियाना के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।








