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जम्मू-कश्मीर पुलिस का बड़ा खुलासा: 209 करोड़ के ऑनलाइन निवेश घोटाले का मास्टरमाइंड ‘डॉ. मॉर्फिन’ दिल्ली से गिरफ्तार

गंदेरबल पुलिस का बड़ा खुलासा: 209 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन निवेश घोटाला बेनकाब, ‘डॉ. मॉर्फिन’ समेत 9 गिरफ्तार

श्रीनगर/गंदेरबल: जम्मू और कश्मीर पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन निवेश घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस घोटाले का नेटवर्क न केवल देश के विभिन्न राज्यों बल्कि विदेशों तक फैला हुआ था। गंदेरबल पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड ‘डॉ. मॉर्फिन’ को दिल्ली एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह चीन से लौट रहा था। पुलिस ने अब तक 209 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का पता लगाया है, जिसके 400 करोड़ से अधिक होने की संभावना है।

शिकायत से खुला राज

​इस पूरे मामले की शुरुआत सफापोरा, गंदेरबल के निवासी फिरदौस अहमद मीर की शिकायत से हुई। गंदेरबल पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 08/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी गंदेरबल, श्री खलील अहमद पोसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया।

कैसे चलता था धोखाधड़ी का खेल?

​जांच में सामने आया कि paisavault.com जैसी फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को कॉइन ट्रेडिंग और भारी रिटर्न का लालच दिया जाता था।

  • फर्जी प्लेटफॉर्म: सोशल मीडिया और गूगल विज्ञापनों के जरिए लोगों को झांसे में लिया जाता था।
  • अकाउंट लेयरिंग: जब पीड़ित निवेश करते, तो पैसा गंदेरबल, श्रीनगर, बडगाम और बारामूला के स्थानीय लोगों के खातों में आता। वहां से इसे तुरंत कई लेयर्स (परतों) के जरिए राज्य और देश के बाहर भेज दिया जाता था ताकि पुलिस पैसे का पीछा न कर सके।

मास्टरमाइंड: फिलीपींस से एमबीबीएस और चीनी कनेक्शन

​घोटाले का मुख्य आरोपी हरियाणा के हिसार निवासी एकांत योगदत्त उर्फ ‘डॉ. मॉर्फिन’ है। पुलिस के अनुसार, एकांत ने फिलीपींस में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान साइबर ठगी की ये तकनीकें सीखी थीं। उसके चीनी नागरिकों के साथ भी गहरे संबंध पाए गए हैं।

स्थानीय नेटवर्क और बैंक कर्मियों की मिलीभगत

​एकांत ने कश्मीर में अपना एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया था। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में सरकारी शिक्षक और स्थानीय ‘अकाउंट मोबिलाइजर’ शामिल हैं:

  1. मोहम्मद इब्राहिम शाह उर्फ यावर (गंदेरबल)
  2. नसीर अहमद गनी (गंदेरबल)
  3. मकसूद अहमद उर्फ डॉ. अल्बर्ट (बडगाम)
  4. तनवीर अहमद उर्फ डॉ. मार्टिन (बडगाम)
  5. तौसीफ अहमद मीर (सरकारी शिक्षक, बारामुल्ला)
  6. खुर्शीद अहमद (नूनर)
  7. इश्फाक अहमद (सफापोरा)

​ये लोग गरीब (BPL) परिवारों को 8-10 हजार रुपये प्रति माह का लालच देकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड किराए पर लेते थे। इस खेल में कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है, जो इन खातों के QR कोड ठगों को उपलब्ध कराते थे।

अब तक की कार्रवाई

    • कुल खाते: 835 बैंक खातों का विवरण जुटाया गया।
    • सत्यापित राशि: 290 खातों में 209 करोड़ रुपये के लेनदेन की पुष्टि।
    • गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी समेत कुल 9 लोग पुलिस की गिरफ्त में।

सावधानी ही सुरक्षा है: पुलिस की अपील

एसएसपी खलील अहमद पोसवाल ने आम जनता से अपील की है कि वे रातों-रात पैसा दोगुना करने वाली वेबसाइटों से बचें। अपना बैंक खाता या एटीएम किसी को किराए पर न दें, यह कानूनन अपराध है। यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत cybercrime.gov.in पर या टोल-फ्री नंबर 1039 पर शिकायत दर्ज करें।

Ami News
Author: Ami News

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