गोहर में पीलिया का तांडव: 117 लोग प्रभावित, जल शक्ति विभाग ने 34 लोगों को थमाया नोटिस

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज, हैडक्वार्टर छोड़ने पर पाबंदी
गोहर (मंडी): मंडी जिला के उपमंडल गोहर में पीलिया रोग के बढ़ते प्रकोप ने प्रशासन और जल शक्ति विभाग की नींद उड़ा दी है। क्षेत्र में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग अब पूरी तरह से सख्त मोड में आ गया है। जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता (सुंदरनगर) आरके सैनी ने वीरवार को प्रैस वार्ता के दौरान स्थिति स्पष्ट की और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।
अब तक 117 मामले, 79 मरीज हुए स्वस्थ
अधीक्षण अभियंता आरके सैनी ने बताया कि गोहर क्षेत्र में अब तक पीलिया से कुल 117 लोग संक्रमित हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से 79 लोग पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जबकि शेष मरीजों का विभिन्न अस्पतालों और घरों में उपचार जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया कि पीलिया फैलने का प्राथमिक कारण जल स्रोतों में गंदगी और दूषित पानी का होना है।
फील्ड अधिकारियों को सख्त निर्देश
विभाग ने फील्ड स्टाफ की जवाबदेही तय कर दी है। आरके सैनी ने दोटूक शब्दों में कहा कि:
- एसडीओ, जेई और अन्य फील्ड अधिकारी बिना अनुमति के अपना हैडक्वार्टर नहीं छोड़ेंगे।
- नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ तुरंत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- वाटर गार्डों को ब्लीचिंग पाऊडर के इस्तेमाल और पानी के शुद्धिकरण मानकों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इन जल स्रोतों के पानी में मिला बैक्टीरिया
जांच के दौरान कई प्राकृतिक जल स्रोतों (बावड़ियों) के सैंपल फेल हुए हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि:
- डल, कलश, अवाहधार और दीवान चंद के घर के पास स्थित बावड़ियों में खतरनाक बैक्टीरिया पाया गया है।
- गणई में एक बोरवैल और अभिलाषी विश्वविद्यालय के पास स्थित एक बावड़ी भी दूषित पाई गई है।
- बाढू डुंगराई उठाऊ पेयजल परियोजना का सैंपल फेल होना सबसे गंभीर रहा, क्योंकि यहां गंदे पानी के रिसाव की पुष्टि हुई है। विभाग ने इस परियोजना से आपूर्ति तुरंत बंद कर दी है और प्रभावित क्षेत्रों को वैकल्पिक माध्यमों से पानी दिया जा रहा है।
प्रदूषण फैलाने वालों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ज्यूणी खड्ड और उसके आसपास के जल स्रोतों में कई लोग सीधे अपने घरों का गंदा पानी और सीवेज छोड़ रहे थे। विभाग ने ऐसे 34 लापरवाह लोगों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए हैं। उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने प्रदूषण फैलाना बंद नहीं किया, तो उन पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने अब तक 258 सैंपल लिए हैं और बग्गी लैब में जांच तेज कर दी है। सभी दूषित स्रोतों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं।” > — आरके सैनी, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग (सुंदरनगर)

इस मौके पर अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार शर्मा, एसडीओ दत्त राम ठाकुर, जेई रूप सिंह ठाकुर और जेई अविनाश ठाकुर भी उपस्थित रहे।








