चंबा: शिक्षकों के भरोसे नहीं, भगवान भरोसे चल रहा है कंदला प्राइमरी स्कूल; 2 पद खाली, बच्चों का भविष्य

चंबा:जितेंद्र मेहरा,
शिक्षा के अधिकार के दावे चाहे कितने भी बड़े हों, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। चंबा स्थित राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला कंदला में शिक्षकों की भारी कमी के चलते नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। स्कूल में वर्तमान समय में 02 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, वहीं चपरासी का पद भी लंबे समय से रिक्त चल रहा है।

अभिभावकों में भारी रोष
स्टाफ की भारी कमी के कारण स्कूल में बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि मासूम बच्चों का आखिर क्या कसूर है कि उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शिक्षकों के अभाव में बच्चों का भविष्य दिन-प्रतिदिन अंधकार में डूबता हुआ नजर आ रहा है।

क्या कहती हैं SMC अध्यक्ष?
इस गंभीर मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की अध्यक्ष नसीबा बेगम ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और रिक्त पदों को भरा जाए, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी शिक्षा सुचारू रूप से चल सके।

ग्रामीणों ने सरकार से उम्मीद जताई है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले में शीघ्र उचित कदम उठाए जाएंगे।








