कंचन कुमारी हत्याकांड: मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों घोषित भगोड़ा, इंटरपोल को भेजा गया रेड कॉर्नर नोटिस

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर कंचन कुमारी की निर्मम हत्या के मामले में बठिंडा की एक स्थानीय अदालत ने एक बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी और सिख कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को औपचारिक रूप से भगोड़ा अपराधी (Proclaimed Offender—PO) घोषित कर दिया है।
फरारी और समन की अनदेखी बनी वजह
अदालत ने यह कार्रवाई आरोपी के लगातार अदालत से फरार रहने और बार-बार समन जारी होने के बावजूद पेश न होने के चलते की है। 7 फरवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए मेहरों को भगोड़ा घोषित किया। पुलिस के अनुसार, हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी जून 2025 में ही देश छोड़कर भाग गया था और वर्तमान में उसके संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपे होने की प्रबल आशंका है।
इंटरपोल के जरिए प्रत्यर्पण की तैयारी
बठिंडा कैंट थाना प्रभारी दलजीत ढिल्लों ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, “हमें अदालत का आदेश प्राप्त हो गया है। राज्य सरकार केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। मेहरों के यूएई में होने की पुख्ता जानकारी है। इंटरपोल को आवश्यक दस्तावेज भेजे जा चुके हैं और रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।”
अधिकारिक सूत्रों का मानना है कि भगोड़ा घोषित होने से पुलिस को कानूनी तौर पर बड़ी मजबूती मिली है, जिससे प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज होगी। जल्द ही आरोपी की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है।

क्या था पूरा मामला?
जांच में खुलासा हुआ है कि 9-10 जून 2025 की रात को अमृतपाल सिंह मेहरों ने अपने साथियों, जसप्रीत सिंह और निम्रतजीत सिंह के साथ मिलकर कंचन कुमारी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपियों का आरोप था कि कंचन द्वारा सोशल मीडिया पर डाला गया कंटेंट सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ था। हत्या के बाद शव को बठिंडा के भुच्चो स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पार्किंग में फेंक दिया गया था।
अन्य आरोपी हिरासत में
पुलिस ने इस वारदात को “अनधिकृत नैतिक पुलिसिंग” (Moral Policing) करार दिया है।
- जसप्रीत सिंह और निम्रतजीत सिंह: पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और न्यायिक हिरासत में हैं।
- रणजीत सिंह: इसे 6 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया है कि रणजीत ने मुख्य आरोपी अमृतपाल को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक छोड़ने में मदद की थी। रणजीत फिलहाल 3 दिन के पुलिस रिमांड पर है।
पुलिस अब अमृतपाल के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क को खंगाल रही है।

‘नैतिक पुलिसिंग’ के नाम पर हिंसा खतरनाक
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने समाज में सोशल मीडिया कंटेंट के नाम पर बढ़ रही हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेकर किसी की हत्या करना लोकतंत्र और कानून के राज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।








