CBSE बोर्ड परीक्षा 2026: उत्तर पुस्तिका लिखने के नियमों में बड़ा बदलाव, गलत सेक्शन में उत्तर लिखा तो मिलेंगे ‘जीरो’ अंक

नई दिल्ली : सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 17 फरवरी से शुरू होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बेहद सख्त गाइडलाइन जारी की है। अब छात्र अपनी मर्जी से किसी भी सवाल का जवाब उत्तर पुस्तिका में कहीं भी नहीं लिख सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी छात्र ने विज्ञान या सामाजिक विज्ञान के पेपर में गलत सेक्शन में सही उत्तर भी लिखा, तो उसे शून्य (0) अंक ही दिए जाएंगे।
मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल और सटीक बनाने की तैयारी CBSE ने यह कदम ‘डिजिटल इवैल्यूएशन’ प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब कॉपियों की जांच ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के जरिए होगी। हर विषय का विशेषज्ञ केवल अपने ही सेक्शन की जांच करेगा। ऐसे में यदि भौतिक विज्ञान (Physics) का उत्तर रसायन विज्ञान (Chemistry) के सेक्शन में लिखा गया, तो वह उत्तर परीक्षक की स्क्रीन पर दिखाई ही नहीं देगा।

विषयवार नया सेक्शन सिस्टम बोर्ड ने 10वीं कक्षा के दो मुख्य विषयों के लिए विशेष निर्देश दिए हैं:
1. विज्ञान (Science): उत्तर पुस्तिका को 3 स्पष्ट भागों में बांटना होगा * सेक्शन ‘A’: बायोलॉजी (जीव विज्ञान)
- सेक्शन ‘B’: कैमिस्ट्री (रसायन विज्ञान)
- सेक्शन ‘C’: फिजिक्स (भौतिक विज्ञान)
2. सामाजिक विज्ञान (Social Science): 4 भागों में रहेगा विभाजन * इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के लिए अलग-अलग सेक्शन निर्धारित किए गए हैं।
नोट: छात्र एक सेक्शन के भीतर प्रश्नों को आगे-पीछे हल कर सकते हैं, लेकिन एक सेक्शन के बीच में दूसरे सेक्शन का जवाब लिखना पूरी तरह वर्जित है।

डिजिटल पहरे में प्रैक्टिकल परीक्षाएं थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए बोर्ड ने जियो-टैग्ड (Geo-tagged) फोटो अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है।
- स्कूलों को परीक्षा के दौरान छात्रों, इंटरनल और एक्सटर्नल एग्जामिनर की ग्रुप फोटो पोर्टल पर डालनी होगी।
- फोटो अपलोड करते समय मोबाइल की लोकेशन और समय का मिलान किया जाएगा। यदि फोटो नहीं मिली, तो प्रैक्टिकल के अंक मान्य नहीं होंगे।








