समय पर पेंशन न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण, सरकार कर रही है ‘बंदरबांट’: सेवानिवृत्त परिवहन कर्मचारी

चंबा:(जितेंद्र मेहरा) हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ चंबा की एक विशेष बैठक सोमवार को पुराने बस अड्डे पर आयोजित की गई। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के प्रति गहरा रोष प्रकट करते हुए अपनी लंबित मांगों और पेंशन की अनियमितता को लेकर जमकर गुहार लगाई। संघ ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार अपने चहेतों को समय पर वेतन और पेंशन दे सकती है, तो परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?

’अपनों’ को मलाई और कर्मचारियों को दुश्वारी
बैठक को संबोधित करते हुए संघ के पदाधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का रवैया बेहद निराशाजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चहेते लोगों को समय पर लाभ दे रही है, जबकि परिवहन विभाग के वे कर्मचारी जिन्होंने अपना पूरा जीवन विभाग को समर्पित कर दिया, वे आज 65 वर्ष की आयु पार करने के बाद भी एक-एक पैसे के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा, “पेंशन और वेतन का भुगतान हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सुनिश्चित होना चाहिए ताकि बुजुर्ग कर्मचारी अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मान के साथ कर सकें।”

2016 से लंबित है एरियर, मेडिकल बिल भी अटके
भूपेंद्र सिंह ने वित्तीय विसंगतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2016 का संशोधित वेतनमान का एरियर अभी तक नहीं मिला है, जबकि अन्य विभागों को इसकी किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इसके अलावा:
- DA (महंगाई भत्ता): लंबे समय से बकाया है।
- 2024 की ग्रेच्युटी: अभी तक भुगतान नहीं हुआ है।
- मेडिकल बिल: कई महीनों के चिकित्सा बिल कार्यालयों में धूल फांक रहे हैं, जिससे बीमार बुजुर्गों को इलाज में परेशानी हो रही है।

मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि वे इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के बीच ‘बंदरबांट’ बंद की जाए और सभी को एक समान दृष्टि से देखा जाए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया, तो वे अपनी आवाज को और बुलंद करेंगे।

इस अवसर पर जिले के कई सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में सरकार से अपने संवैधानिक हक की मांग की।








