पंजाब में जंगलराज: तरनतारन में कानून की छात्रा की सरेआम हत्या, हरसिमरत बादल ने माँगा CM का इस्तीफा

तरनतारन/चंडीगढ़: पंजाब के तरनतारन में कानून की पढ़ाई कर रही एक छात्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। इस जघन्य अपराध पर शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को ‘पूरी तरह विफल’ करार देते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
“आत्मा को झकझोर देने वाली घटना”
हरसिमरत कौर बादल ने अपने बयान में कहा कि छात्रा के माथे में गोली मारकर की गई इस हत्या ने मानवता और समाज की सुरक्षा पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा, “यह खबर सुनकर रूह कांप जाती है। एक होनहार बेटी जो वकील बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी, उसे सरेआम मौत के घाट उतार दिया गया।”

हथियारों की आसान उपलब्धता पर उठाए सवाल
सांसद बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरते हुए सीधे सवाल पूछे:
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- पंजाब में पिस्तौल और रिवॉल्वर टॉफियों की तरह आसानी से कैसे उपलब्ध हो रहे हैं?
- स्कूलों और कॉलेजों के बाहर भी छात्र सुरक्षित क्यों नहीं हैं?
- धार्मिक स्थलों, बाजारों और आम गलियों में गोलियां चलना कब बंद होगा?
”वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक पंजाब में ऐसा कोई भी दिन नहीं बीता, जब सरेआम हत्या या हिंसा की कोई खबर न आई हो। पंजाब अब गैंगस्टरों का गढ़ बनता जा रहा है।”
— हरसिमरत कौर बादल

पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार
बादल ने पंजाब पुलिस की भूमिका पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य की पुलिस केवल निहत्थे प्रदर्शनकारियों और आम जनता पर अपनी ताकत दिखाने में सक्षम है। लेकिन जब बात खूंखार गैंगस्टरों और अपराधियों की आती है, तो पुलिस प्रशासन पूरी तरह घुटने टेक चुका है।
इस्तीफे की मांग
शिरोमणि अकाली दल ने स्पष्ट किया है कि पंजाब में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है। हरसिमरत कौर ने जोर देकर कहा कि यदि भगवंत मान प्रदेश के नागरिकों और बेटियों की रक्षा नहीं कर सकते, तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। अकाली दल ने मांग की है कि मुख्यमंत्री अपनी विफलता स्वीकार करें और तुरंत इस्तीफा दें।








