भटियात की बेटी दीपिका कौशल ने रचा इतिहास: पहले ही प्रयास में पास की संस्कृत UGC NET-JRF परीक्षा

चुवाड़ी/साहला: हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के भटियात विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुरपड़ा के साहला गांव की एक होनहार बेटी ने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली दीपिका कौशल ने अपनी पहली ही कोशिश में यूजीसी नेट जेआरएफ (UGC NET-JRF) कोड 25 (संस्कृत) की परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
खास बात यह है कि एसटी (ST) कैटेगरी में पूरे जिले से दीपिका एकमात्र ऐसी अभ्यर्थी हैं जिन्होंने जेआरएफ हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल भटियात बल्कि पूरे चंबा जिले के युवाओं और ग्रामीणों के लिए वह एक प्रेरणा बनकर उभरी हैं।

माता-पिता का राजनीतिक और सामाजिक कद
दीपिका के पिता पवन कुमार, जो पूर्व में पंचायत प्रधान रह चुके हैं और वर्तमान में खेती-बाड़ी करते हैं, और माता रुमला देवी, जो रिकॉर्ड चार बार प्रधान पद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं, अपनी बेटी की सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं। उनका कहना है कि दीपिका बचपन से ही पढ़ाई में कुशाग्र रही है और उसकी कड़ी मेहनत ने आज रंग दिखाया है।
साहला स्कूल से भोपाल तक का सफर
दीपिका की शैक्षणिक यात्रा उनके पैतृक गांव साहला के सरकारी स्कूल से शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने:
- उच्च शिक्षा: संस्कृत यूनिवर्सिटी से अपनी डिग्री पूरी की।
- व्यावसायिक शिक्षा: भोपाल से बीएड (B.Ed) और एमएड (M.Ed) की पढ़ाई की।
- अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने निरंतर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।

भविष्य का लक्ष्य: कॉलेज प्रोफेसर
जेआरएफ उत्तीर्ण करने के बाद दीपिका का अगला लक्ष्य अब कॉलेज में प्रोफेसर बनकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना है। इस उपलब्धि के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। पूरे भटियात क्षेत्र में खुशी की लहर है और स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण परिवेश में रहने वाली बेटियों के लिए दीपिका एक मिसाल है।
“मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। दीपिका की यह सफलता गांव की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने का हौसला देगी।”
— स्थानीय निवासी








