पंजाब में ‘जंगलराज’: 24 घंटे में दो बड़ी हत्याएं, दहशत में प्रदेश

पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। पिछले 24 घंटों के भीतर राज्य के दो अलग-अलग जिलों में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। शुक्रवार को जालंधर में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता की सरेआम हत्या के बाद शनिवार सुबह गढ़शंकर में एक बुजुर्ग महिला को गोलियों से भून दिया गया। इन वारदातों ने प्रदेश में भारी रोष और दहशत पैदा कर दी है।
पहली घटना: गढ़शंकर में मंदिर से लौट रही महिला की हत्या
होशियारपुर जिले के गढ़शंकर के अधीन आते गांव महिन्दवानी गुज्जरां में शनिवार सुबह करीब 6 बजे दिल दहला देने वाली वारदात हुई। 62 वर्षीय रचना देवी, जो पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त एएसआई शाम लाल की पत्नी थीं, गांव के ही धार्मिक स्थल ‘भूरी वाले दी कुटिया’ में माथा टेककर घर लौट रही थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए एक अज्ञात हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
- चश्मदीदों के अनुसार: गोलियां चलने की आवाज सुनते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में रचना देवी को सिविल अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
- पुलिस की कार्रवाई: पुलिस चौकी बीनेवाल के इंचार्ज एएसआई ओंकार सिंह ने बताया कि अज्ञात हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान हो सके।

दूसरी घटना: जालंधर में AAP नेता ‘लक्की ओबेरॉय’ की हत्या
इससे पहले शुक्रवार सुबह जालंधर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में सनसनी फैल गई थी। आम आदमी पार्टी के नेता सतिंदरपाल सिंह उर्फ लक्की ओबेरॉय जब गुरुद्वारे में मत्था टेककर अपनी गाड़ी (थार) में बैठने लगे, तभी हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।
- हमला: बदमाशों ने करीब 8-10 राउंड फायरिंग की, जिससे ओबेरॉय को 5 गोलियां लगीं और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस हत्या की जिम्मेदारी कथित तौर पर ‘शेरू गैंग’ ने ली है, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है।

विपक्ष का हमला: “सुरक्षित नहीं है जनता”
लगातार हो रही इन हत्याओं के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने आरोप लगाया है कि पंजाब में अपराधियों को पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि जब सत्तारूढ़ पार्टी के नेता और धार्मिक स्थलों से लौट रहे बुजुर्ग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?
“हम मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीमें तैनात हैं।”
— एएसआई ओंकार सिंह, पुलिस प्रशासन








