7 फरवरी 2026 – श्रद्धा, संकल्प और प्रेम का अनूठा संगम

आज 7 फरवरी 2026, शनिवार का दिन है। भारतीय कैलेंडर और वैश्विक परिदृश्य के अनुसार आज का दिन आध्यात्मिक गहराई, सामाजिक जागरूकता और मानवीय भावनाओं के उत्सव का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। धार्मिक दृष्टिकोण से जहाँ आज माता यशोदा की ममता को नमन करने का दिन है, वहीं वैश्विक स्तर पर यह प्रेम के सप्ताह का आगाज और स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने वाला दिन भी है।
1.राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व: जागरूकता और प्रेम का दिन
- रोज डे (Rose Day): आज से ‘वेलेंटाइन वीक’ की शुरुआत हो रही है। युवा और प्रेमी युगल आज एक-दूसरे को गुलाब देकर अपने स्नेह का इजहार कर रहे हैं।
- राष्ट्रीय ब्लैक एचआईवी/एड्स जागरूकता दिवस: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज का दिन एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने और इस बीमारी से लड़ रहे लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए समर्पित है।
- विश्व अंतरधार्मिक सद्भाव सप्ताह: संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह सप्ताह आज भी जारी है, जो दुनिया भर में विभिन्न धर्मों के बीच शांति और भाईचारे का संदेश देता है।
2. धार्मिक दृष्टि: यशोदा जयंती का पावन पर्व
आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है, जिसे देश भर में यशोदा जयंती के रूप में मनाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की मैया यशोदा का जन्मोत्सव वात्सल्य और ममता का प्रतीक है।
- महत्व: मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखने और मैया यशोदा के साथ बाल-कृष्ण की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और बच्चों के जीवन के संकट दूर होते हैं।
- विशेष योग: आज ‘रवि योग’ और ‘चित्रा नक्षत्र’ का सुंदर संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

3.आज का विस्तृत पंचांग: 7 फरवरी 2026
विक्रम संवत: 2082 (नल नाम संवत्सर)
शक संवत: 1947 (क्रोधन नाम संवत्सर)
मास: फाल्गुन (उत्तर भारत), माघ (गुजरात और महाराष्ट्र)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि और नक्षत्र की स्थिति
आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह तिथि आज देर रात 02:54 AM (8 फरवरी) तक रहेगी, उसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा।
नक्षत्रों की बात करें तो आज चित्रा नक्षत्र है, जो देर रात 02:28 AM (8 फरवरी) तक बना रहेगा। इसके उपरांत स्वाति नक्षत्र शुरू होगा। चित्रा नक्षत्र का स्वामी मंगल है, जो आज के दिन में साहस और ऊर्जा का संचार करता है।
योग और करण
आज शूल योग रात 11:41 PM तक रहेगा, जिसके बाद गंड योग की शुरुआत होगी। ज्योतिष शास्त्र में शूल योग को बहुत शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए महत्वपूर्ण चर्चाओं में सावधानी बरतें।
करण की स्थिति देखें तो आज गर करण दोपहर 02:02 PM तक है, और उसके बाद वणिज करण प्रभावी रहेगा।
चंद्र और सूर्य का गोचर
आज चंद्रमा कन्या राशि में संचार कर रहे हैं। दोपहर 01:22 PM पर चंद्रमा अपनी राशि परिवर्तित कर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव वर्तमान में मकर राशि में स्थित हैं।
दिन का समय (सूर्योदय और सूर्यास्त)
आज सूर्योदय सुबह 07:06 AM पर हुआ है और सूर्यास्त शाम 06:05 PM पर होगा। दिन की कुल अवधि लगभग 10 घंटे 59 मिनट की रहेगी।
शुभ मुहूर्त (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए)
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 PM से 12:57 PM तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय है, इसमें नया कार्य शुरू करना श्रेयस्कर होता है)।
- अमृत काल: शाम 07:31 PM से रात 09:15 PM तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:22 AM से 06:14 AM तक।
अशुभ समय (वर्जित काल)
- राहुकाल: सुबह 09:51 AM से 11:13 AM तक। (इस दौरान महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन या नए काम की शुरुआत से बचना चाहिए)।
- यमगण्ड: दोपहर 02:00 PM से 03:22 PM तक।
- गुलिक काल: सुबह 07:06 AM से 08:28 AM तक।
आज का विशेष विचार
आज शनिवार है और चंद्रमा का गोचर कन्या से तुला राशि में हो रहा है। शनि देव की आराधना के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। राहुकाल को छोड़कर आप अपने दैनिक और मांगलिक कार्यों की योजना बना सकते हैं।









