गणतंत्र दिवस परेड से लौटे चम्बा के लाडलों का भव्य स्वागत: लोक संस्कृति की चमक से देश को किया मंत्रमुग्ध

चम्बा। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति का परचम लहराकर लौटे चम्बा के कलाकारों का आज गृह जनपद पहुँचने पर भव्य और भावुक स्वागत किया गया। जैसे ही कलाकार जितेंद्र पंकज शर्मा और रितिका ठाकुर चम्बा की धरती पर कदम रखा, स्थानीय लोगों और प्रशंसकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया।
गौरवशाली उपलब्धि: 7 साल का सूखा खत्म
गौरतलब है कि करीब 6–7 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस वर्ष हिमाचल प्रदेश की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का सुनहरा अवसर मिला। पूरे प्रदेश से चयनित कुल 8 कलाकारों में से चम्बा के इन दो होनहारों का चयन जिला के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

अनुभव और सम्मान: राष्ट्रपति भवन से मंत्रालयों तक
मीडिया से बातचीत के दौरान जितेंद्र और रितिका ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया:
- कठिन प्रशिक्षण: दिल्ली में परेड से पहले रक्षा मंत्रालय के अधीन उन्होंने कड़ी रिहर्सल की।
- विशेष अवसर: कलाकारों को राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रमों में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ।
- बहुआयामी प्रतिभा: रितिका और जितेंद्र ने जनजातीय मंत्रालय के कार्यक्रमों में न केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, बल्कि एंकरिंग के जरिए भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
- मुलाकातें: इस प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद हर्ष महाजन से भी भेंट की।
भावुक पल: “बचपन का सपना हुआ सच”
अपनी इस सफलता पर भावुक होते हुए रितिका ठाकुर ने कहा:
”यह मेरी वर्षों की मेहनत और बचपन के सपनों का परिणाम है। हमारी वेशभूषा और संस्कृति ने हमें इस मुकाम तक पहुँचाया है। हमने पूरी कोशिश की कि चम्बा की कला और हिमाचल की शान को देश के सामने गर्व से प्रस्तुत कर सकें।”

वहीं, जितेंद्र पंकज शर्मा ने जिला प्रशासन और जिला भाषा अधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह का प्रोत्साहन कलाकारों के मनोबल को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया।
निष्कर्ष:
चम्बा के इन कलाकारों की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि कला के प्रति समर्पण हो, तो पहाड़ की प्रतिभा को राष्ट्रीय पटल पर चमकने से कोई नहीं रोक सकता। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।








