पंजाब में फिर गरमाया किसान आंदोलन: 5 फरवरी को मंत्रियों और AAP विधायकों के घरों का घेराव

चंडीगढ़/अमृतसर: किसानों की लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ एक बार फिर आर-पार की लड़ाई का बिगुल फुक गया है। किसान-मज़दूर संघर्ष कमेटी (KMSC) ने प्रदेश सरकार की ‘किसान-विरोधी’ नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 5 फरवरी को राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। कमेटी के आह्वान पर प्रदेश के सभी मंत्रियों और आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के आवासों के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

भरोसे से काम नहीं चलेगा, अब समाधान चाहिए: पंधेर
किसान-मज़दूर संघर्ष कमेटी के वरिष्ठ नेता स्वर्ण सिंह पंधेर ने प्रेस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार केवल आश्वासनों का खेल खेल रही है। उन्होंने कहा, “हमने अपनी मांगें बार-बार सरकार के सामने रखीं, लेकिन हर बार हमें केवल खाली भरोसा ही मिला। धरातल पर किसानों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।” पंधेर ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि इसे और भी उग्र किया जाएगा।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है संगठन:
- MSP की कानूनी गारंटी: सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए ठोस कानून।
- मुआवजा राशि: शंभू-खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान हुए नुकसान और बाढ़ से प्रभावित फसलों का बकाया मुआवजा।
- स्मार्ट मीटर का विरोध: बिजली संशोधन बिल 2025 और स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक।
- पराली और केस वापसी: पराली जलाने के नाम पर किसानों पर दर्ज ‘लाल प्रविष्टियां’ (Red Entries) और पुलिस केस रद्द करना।

गिरफ्तारी की चेतावनी: “दबाव की नीति पड़ी महंगी”
स्वर्ण सिंह पंधेर ने सरकार को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसानों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया या गिरफ्तारियां की गईं, तो इसका जवाब बेहद तीखा होगा। उन्होंने कहा कि यदि 5 फरवरी से पहले या उसी दिन किसी भी किसान को हिरासत में लिया गया, तो आंदोलन को तुरंत पूरे प्रदेश में और भी बड़े स्तर पर फैला दिया जाएगा।
आगामी रणनीति
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि 5 फरवरी का प्रदर्शन केवल एक शुरुआत है। यदि सरकार ने फिर भी संजीदगी नहीं दिखाई, तो आने वाले दिनों में पंजाब के अन्य हिस्सों में भी चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। फिलहाल, सभी जिलों की इकाइयों को मंत्रियों और विधायकों के घरों के बाहर शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी घेराव के लिए तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।








