PGI चंडीगढ़ में खुलेगा संक्रामक बीमारियों का सबसे आधुनिक केंद्र: क्रिटिकल केयर ब्लॉक का काम शुरू

पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। कैंपस में 150 बेड वाले विशेष क्रिटिकल केयर ब्लॉक (CCB) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस (पर्यावरण मंजूरी) मिलने के बाद अब इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का जिम्मा HSCC को सौंप दिया गया है। स्कूल ऑफ नर्सिंग के सामने वाली खाली जमीन पर इस सेंटर का काम युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है।
एक ही छत के नीचे होगा जटिल बीमारियों का इलाज
PGI के डिप्टी डायरेक्टर पंकज राय के अनुसार, यह प्रोजेक्ट संस्थान की सबसे खास योजनाओं में से एक है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ कोविड-19 जैसी महामारी के साथ-साथ अन्य सभी प्रकार की संक्रामक बीमारियों (Infectious Diseases) का इलाज एक ही छत के नीचे संभव होगा। भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए इसे एक अभेद्य किले के रूप में तैयार किया जा रहा है।
कोविड की चुनौतियों से लिया गया सबक
इस प्रोजेक्ट की नींव कोविड काल के दौरान पड़ी थी। महामारी के समय PGI पर दबाव इतना बढ़ गया था कि कई विभागों को नेहरू एक्सटेंशन केयर सेंटर में शिफ्ट करना पड़ा था। इसी अनुभव को देखते हुए विशेषज्ञों ने एक ऐसे समर्पित सेंटर की आवश्यकता जताई, जो इमरजेंसी और ट्रॉमा में आने वाले अति-गंभीर (Critical & Very Critical) मरीजों को तुरंत संभाल सके।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं (Highlights)
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विशेष सुविधाएं |
विवरण |
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कुल क्षमता |
150 आधुनिक बेड |
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यूनिट्स |
हाई-टेक ICU और स्टेप-डाउन यूनिट (SDU) |
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मातृ-शिशु देखभाल |
दो लेबर विभाग, डिलीवरी रूम और नवजात विभाग |
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विशेष उपकरण |
ऑक्सीजन सपोर्ट और एडवांस सर्जिकल यूनिट |
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लोकेशन |
स्कूल ऑफ नर्सिंग के ठीक सामने |
कैंपस में तैयार हो रहे हैं तीन बड़े पिलर्स
PGI के मास्टर प्लान के तहत तीन प्रमुख प्रोजेक्ट्स संस्थान की सूरत बदलने वाले हैं:
- न्यूरोसाइंस सेंटर: दिमाग और तंत्रिका रोगों के लिए अत्याधुनिक केंद्र।
- मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर: माताओं और बच्चों के लिए समर्पित विशेष अस्पताल।
- क्रिटिकल केयर ब्लॉक: संक्रामक रोगों और गंभीर मरीजों के लिए विशेष विंग।

मरीजों को क्या होगा सीधा फायदा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, अभी तक अस्पताल के अलग-अलग विभागों में अगर कोई मरीज ज्यादा सीरियस हो जाता है, तो उसे शिफ्ट करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस सेंटर के बनने के बाद किसी भी विभाग का क्रिटिकल मरीज सीधे यहाँ भेजा जा सकेगा, जहाँ उसे 24 घंटे विशेषज्ञों की निगरानी और लाइफ-सपोर्ट सिस्टम मिलेगा।
“यह प्रोजेक्ट PGI के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पर्यावरण मंजूरी मिलने के साथ ही अब इसके निर्माण में तेजी आएगी। हमारा उद्देश्य भविष्य में कोविड जैसी किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना है।”
— पंकज राय, डिप्टी डायरेक्टर, PGI








