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आसमानी बिजली का कहर: सोलन में 55 भेड़-बकरियों की दर्दनाक मौत, बाल-बाल बचे चार चरवाहे

सोलन: आसमानी बिजली का तांडव, 55 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत

देवठी के पास तड़के हुआ हादसा; बाल-बाल बचे किन्नौर के चार भेड़ पालक

सोलन :  हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में आज तड़के कुदरत का कहर बरपा है। सोलन-सुबाथू मार्ग पर देवठी के समीप आसमानी बिजली गिरने से 55 से अधिक भेड़-बकरियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य पशु बुरी तरह झुलस गए हैं। गनीमत रही कि इस भयावह हादसे में चार भेड़ पालक चमत्कारिक रूप से बच गए।

तड़के 3:45 बजे मची चीख-पुकार

​जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 3:45 बजे हुआ। जनजातीय जिला किन्नौर के भेड़ पालक अपने करीब 650 पशुओं के झुंड के साथ देवठी के पास डेरा डाले हुए थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारिश से बचाव के लिए भेड़ पालक अभी टेंट लगा ही रहे थे कि अचानक कान फाड़ देने वाली गर्जना के साथ आसमानी बिजली सीधे झुंड पर आ गिरी। बिजली की तीव्रता इतनी अधिक थी कि 55 से ज्यादा बेजुबानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

किन्नौर के रहने वाले हैं पीड़ित

​हादसे का शिकार हुए भेड़ पालक किन्नौर जिले के भावा और चौरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। प्रभावितों में विशाल नेगी, विनय सिंह, कृष्ण भगत (निवासी भावा) और विनोद कुमार (निवासी चौरा) शामिल हैं। इन पालकों के लिए ये भेड़-बकरियां ही आजीविका का एकमात्र सहारा थीं। एक झटके में हुए इस भारी नुकसान से सभी पालक गहरे सदमे में हैं।

लाखों का नुकसान, प्रशासन से मुआवजे की गुहार

​पहाड़ी क्षेत्रों में पशुधन ही चरवाहों की पूंजी होती है। इस हादसे में भेड़ पालकों को लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे। पीड़ित पालकों ने सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें इस प्राकृतिक आपदा के लिए उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपनी गृहस्थी संभाल सकें।

नोट: इस तरह की घटनाओं में अक्सर बिजली पेड़ों या ऊंचे स्थानों पर गिरती है। पशुओं का झुंड एक साथ होने के कारण ‘स्टेप पोटेंशियल’ (Step Potential) की वजह से एक साथ इतनी मौतें होती हैं।

Ami News
Author: Ami News

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