पठानकोट-जोगिंद्रनगर ट्रैक: संघर्ष समिति ने दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम, रेलवे ने मांगा 25 दिन का वक्त”

पठानकोट/कांगड़ा : पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर ट्रेनों की बहाली में हो रही देरी ने स्थानीय जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। चक्की खड्ड पर रेलवे पुल का निर्माण कार्य पूरा होने और इंजन का सफल ट्रायल होने के बावजूद, पठानकोट से बैजनाथ तक रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू न होने से ग्रामीणों में गहरा रोष है।

ट्रायल के बाद भी ‘इंतजार’, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि डलहौजी मार्ग के पास स्थित चक्की खड्ड रेलवे पुल का पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। बीते 12 जनवरी को इस पुल पर रेलवे इंजन का सफलतापूर्वक ट्रायल भी किया गया था। ट्रैक से मलबा हटाने और मरम्मत का काम भी पूरा हो चुका है, लेकिन रेलवे विभाग बार-बार नई तारीखें देकर जनता को गुमराह कर रहा है।
नंदपुर संघर्ष समिति और भारत जोड़ो एवं लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान कमेटी ने तीखे तेवर अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक रेल सेवा बहाल नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। समिति का आरोप है कि विभाग जानबूझकर कांगड़ा की जनता को परेशान कर रहा है।

अधिकारियों का तर्क: सुरक्षा जांच में लगेगा समय
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक वर्मा ने बताया कि:
- चक्की खड्ड पुल का निर्माण पूरा हो चुका है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट सुरक्षा नियंत्रक को भेज दी गई है।
- वर्तमान में रेलगाड़ियाँ बैजनाथ से जोगिंद्रनगर और बैजनाथ से कांगड़ा के बीच चल रही हैं।
- कांगड़ा से पठानकोट के बीच सेवा बहाल करने से पहले तकनीकी सुरक्षा नियंत्रक द्वारा अंतिम सुरक्षा जांच और ट्रायल अनिवार्य है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने में अभी 20 से 25 दिन का समय और लग सकता है।
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क्षेत्र |
स्थिति |
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बैजनाथ से जोगिंद्रनगर |
ट्रेनें सुचारू रूप से चल रही हैं |
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बैजनाथ से कांगड़ा |
परिचालन जारी है |
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कांगड़ा से पठानकोट |
सेवा ठप (बहाली का इंतजार) |
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चक्की पुल ट्रायल |
12 जनवरी को सफल रहा |
जहाँ रेलवे विभाग सुरक्षा का हवाला देकर समय मांग रहा है, वहीं स्थानीय जनता इसे विभाग की ढुलमुल कार्यप्रणाली मान रही है। अब सबकी नजरें आगामी एक हफ्ते पर टिकी हैं कि क्या रेलवे समय रहते जनता की मांग पूरी करता है या संघर्ष समिति आंदोलन का रास्ता अपनाती है।









