शिवम दुबे: सिर्फ फिनिशर नहीं, अब टी20 के ‘कम्प्लीट पैकेज’; विजाग की पारी देख गावस्कर हुए मुरीद

भारतीय क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में बदलाव की बयार बह रही है। इसी क्रम में विजाग में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भले ही टीम इंडिया को 50 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी हो, लेकिन इस हार के सन्नाटे में शिवम दुबे की बल्लेबाजी ने भविष्य की एक नई गूंज सुनाई है। टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर दुबे के इस बदले हुए अवतार से बेहद प्रभावित हैं। गावस्कर का मानना है कि दुबे अब महज एक ‘लेट-ऑर्डर हिटर’ नहीं रहे, बल्कि वह भारतीय टीम के लिए एक ‘कम्प्लीट टी20 एसेट’ बन चुके हैं।
हार के बीच उम्मीद की किरण
216 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय 63 रन पर 4 विकेट खोकर गहरे संकट में थी। टॉप ऑर्डर के धराशायी होने और रिंकू सिंह के भी पवेलियन लौटने के बाद जीत की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी थीं। ऐसे समय में शिवम दुबे ने मोर्चा संभाला और दबाव को ही अपना हथियार बना लिया। उन्होंने न केवल पारी को संभाला बल्कि कीवी गेंदबाजों पर ऐसा धावा बोला कि एक समय मैच भारत की पकड़ में नजर आने लगा था।
दबाव में बदला खेल का मिजाज
गावस्कर ने दुबे की मानसिक मजबूती की तारीफ करते हुए कहा कि रायपुर के पिछले मैच में जहां उन्हें केवल आखिरी ओवरों में तेज रन बनाने थे (18 गेंद में 36 रन), वहीं विजाग में चुनौतियां बिल्कुल अलग थीं। दुबे ने पहली ही गेंद से अपने इरादे साफ कर दिए। मिशेल सेंटनर की गेंद पर लगाया गया उनका गगनचुंबी छक्का उनके आत्मविश्वास की कहानी खुद बयां कर रहा था।

“आमतौर पर 6 या 7 नंबर के बल्लेबाज को ज्यादा समय नहीं मिलता, लेकिन विजाग में दुबे ने दिखाया कि वह पारी को बुन भी सकते हैं और जरूरत पड़ने पर विध्वंसक भी हो सकते हैं।” – सुनील गावस्कर

स्पिन के साथ पेस पर भी प्रहार
शिवम दुबे को अक्सर स्पिन का काल माना जाता है, लेकिन विजाग में उन्होंने तेज गेंदबाजों की भी जमकर खबर ली। उन्होंने मात्र 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी भारतीय द्वारा जड़ा गया तीसरा सबसे तेज अर्धशतक है। इस पारी के साथ उन्होंने अपना नाम युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे दिग्गजों की फेहरिस्त में दर्ज करा लिया है।
दुबे की पारी का लेखा-जोखा:
- रन: 65
- गेंदें: 23
- छक्के: 7
- चौके: 3
- असर: भारत का स्कोर 82/5 से 145/6 तक पहुंचाया।
गेंदबाजी से बढ़ी अहमियत
गावस्कर ने दुबे के ऑलराउंड प्रदर्शन पर जोर देते हुए कहा कि उनकी मध्यम गति की गेंदबाजी उन्हें टीम के लिए और भी कीमती बनाती है। अब वह टीम में केवल एक फिनिशर के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में देखे जा रहे हैं जो मध्यक्रम की रीढ़ बन सकता है। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले दुबे का यह विकास भारतीय चयनकर्ताओं और कप्तान के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।









