चंडीगढ़ में खिला कमल: सौरभ जोशी बने नए मेयर

मुख्य समाचार:
- भाजपा के सौरभ जोशी चंडीगढ़ के नए मेयर निर्वाचित।
- त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा को मिले 18 वोट, ‘AAP’ को 11 और कांग्रेस को 7 वोट।
- 1996 के बाद पहली बार ‘हाथ उठाकर’ (Show of Hands) की गई वोटिंग।
- सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर भी भाजपा का कब्जा।

चंडीगढ़ नगर निगम को आज अपना नया मेयर मिल गया है। सेक्टर-17 स्थित विधानसभा हॉल में आज सुबह 11 बजे शुरू हुई चुनावी प्रक्रिया में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सौरभ जोशी ने शानदार जीत दर्ज की। इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि मेयर चुनने के लिए गुप्त मतदान के बजाय पार्षदों ने हाथ उठाकर अपने प्रत्याशी का समर्थन किया।

वोटों का गणित और चुनावी मुकाबला
मेयर पद के लिए इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। चुनाव के नतीजे इस प्रकार रहे:
- सौरभ जोशी (BJP): 18 वोट (भाजपा के सभी 18 पार्षदों का समर्थन)
- योगेश ढींगरा (AAP): 11 वोट
- गुरप्रीत सिंह (कांग्रेस): 7 वोट (6 पार्षद + 1 सांसद मनीष तिवारी)
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन न होना भाजपा की जीत की सबसे बड़ी वजह बना। यदि दोनों दल साथ मिलकर लड़ते, तो मुकाबला 18-18 की बराबरी पर आ सकता था, लेकिन अलग-अलग चुनाव लड़ने के कारण भाजपा ने बाजी मार ली।

पीठासीन अधिकारी और चुनावी प्रक्रिया
वोटिंग की अध्यक्षता नामजद पार्षद डॉ. रमणीक सिंह बेदी ने की। सदन की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई और पूरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी भी की गई। जीत की घोषणा के बाद नवनिर्वाचित मेयर सौरभ जोशी भावुक नजर आए और उन्होंने इसे पार्टी की विचारधारा और विकास की जीत बताया।
डिप्टी मेयर पदों पर भी भाजपा का दबदबा
मेयर चुनाव के ठीक बाद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव हुए। भाजपा के जसमनप्रीत सिंह को सीनियर डिप्टी मेयर और सुमन शर्मा को डिप्टी मेयर चुना गया। कांग्रेस पार्षदों ने इन दोनों पदों के चुनाव के दौरान सदन से वॉकआउट कर दिया था।
बड़ी बात: इस बार के चुनाव में किसी भी वोट के अवैध होने की गुंजाइश नहीं रही क्योंकि ‘हाथ उठाकर’ वोटिंग की प्रक्रिया अपनाई गई थी, जिससे पिछली बार की तरह किसी भी विवाद की स्थिति पैदा नहीं हुई।








