हिमाचल में कुदरत का ‘सफेद सितम’: 835 सड़कें ठप, 1942 ट्रांसफार्मर फुंकने से सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे

हिमाचल प्रदेश में हालिया भारी बर्फबारी और खराब मौसम ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बर्फबारी थमने के बाद भी प्रदेश के कई हिस्सों में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश भर में 835 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिनमें 3 नेशनल हाईवे भी शामिल हैं। बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण सैकड़ों गांव अभी भी अंधेरे और पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।

शिमला और लाहुल-स्पीति में सबसे बुरा हाल
बर्फबारी का सबसे ज्यादा कहर शिमला और लाहुल-स्पीति जिलों में देखने को मिला है।
- लाहुल-स्पीति: यहां सबसे अधिक 280 सड़कें बंद हैं। लेह-मनाली (NH-3) और काजा-ग्रामफू (NH-505) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग ठप पड़े हैं।
- शिमला जिला: राजधानी और ऊपरी शिमला के इलाकों में 234 सड़कें अवरुद्ध हैं। रोहड़ू, कोटखाई और चौपाल जैसे उपमंडलों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है।

अंधेरे में रातें, पानी को तरसे लोग
सड़कों के साथ-साथ बिजली और पानी की व्यवस्था भी चरमरा गई है।
- बिजली संकट: प्रदेश भर में 1,942 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) ठप पड़े हैं। अकेले शिमला जिले में 789 और सिरमौर में 354 ट्रांसफार्मर खराब होने से ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति है।
- पेयजल किल्लत: कुल 245 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। पाइपलाइनें जमने या टूटने के कारण शिमला (131 योजनाएं) और कुल्लू (81 योजनाएं) के निवासियों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला |
बंद सड़कें |
मुख्य प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|
|
शिमला |
234 |
रोहड़ू, कोटखाई, चौपाल, ठियोग |
|
मंडी |
110 |
सिराज, गोहर, पद्धर, करसोग |
|
चंबा |
78 |
पांगी, तीसा, भरमौर |
|
कुल्लू |
64 |
मनाली, बंजार, एनएच-305 |
|
सिरमौर |
41 |
संगड़ाह, शिलाई |
प्रशासन का पक्ष: “लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड की टीमें युद्ध स्तर पर बहाली में जुटी हैं। भारी मशीनों को तैनात किया गया है, लेकिन फिसलन और कड़ाके की ठंड के कारण काम में बाधा आ रही है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊँचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।” — राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण

आगे क्या?
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई है, जिससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन का लक्ष्य अगले 48 घंटों में प्रमुख संपर्क मार्गों को बहाल करना है।








