अवैध खनन पर प्रशासन का कड़ा रुख: फतेहपुर के ब्यास तटीय क्षेत्रों में खनन पर प्रतिबंध

कांगड़ा/फतेहपुर: जिला कांगड़ा में अवैध खनन की बढ़ती शिकायतों और मानसून के दौरान नदी के बहाव से होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ब्यास नदी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अवैध खनन को रोकने के लिए जिला दंडाधिकारी (DC) कांगड़ा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत नए निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं।

विधायक की सक्रियता और स्थानीय लोगों का रोष
फतेहपुर के विधायक और योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) भवानी सिंह पठानिया ने इस मुद्दे पर मोर्चा संभाल रखा था。 स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्यास नदी में अवैध खनन के कारण पानी का बहाव रिहायशी इलाकों की ओर मुड़ जाता है, जिससे बरसात और पोंग बांध से पानी छोड़े जाने के समय जान-माल का खतरा बढ़ जाता है। विधायक पठानिया ने न केवल क्षेत्र का दौरा किया, बल्कि विधानसभा सत्र के दौरान भी अवैध खनन के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग उठाई थी।

नए प्रतिबंध और समय-सारणी
जिला दंडाधिकारी हेमराज बैरवा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, फतेहपुर उपमंडल के रे, टटवाली और रियाली ग्राम पंचायतों में खनन गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं:
- पूर्ण प्रतिबंध: शाम 5:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि नहीं होगी।
- कार्य का समय: खनन और लोडिंग का कार्य केवल सुबह 6:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ही किया जा सकेगा।
- वाहनों की आवाजाही: खनिज सामग्री से लदे टिप्पर और ट्रकों की आवाजाही सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ही अनुमन्य होगी।

पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर
एसपी कांगड़ा ने बताया कि इन आदेशों को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। रे और मंड क्षेत्र में रात के समय किसी भी क्रशर या व्यक्ति द्वारा अवैध खनन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है।
विधायक पठानिया ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग अपनी जमीन पर अवैध खनन करवा रहे हैं, जिससे दूसरों के घर और जमीनों को खतरा पैदा हो रहा है, उनके खिलाफ भी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी ।









