धंतोल के जंगलों में दो दिनों तक विभाग ने बिछाया था जाल, पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ दर्ज किया मामला

इंदौरा (हिमाचल प्रदेश): वन विभाग इंदौरा की टीम ने वन माफिया के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। विभाग ने धंतोल के घने जंगलों में एक गुप्त ऑपरेशन के दौरान अवैध रूप से काटे गए खैर के 54 मौछे (लट्ठे) बरामद किए हैं। हालांकि, तस्कर विभाग की सख्त घेराबंदी की भनक लगते ही मौके पर नहीं फटके, जिसके बाद विभाग ने लकड़ी को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी जगजीत चावला को गुप्त सूचना मिली थी कि धंतोल के जंगल में एक नाले के भीतर तस्करों ने बेशकीमती खैर की लकड़ी काटकर छिपाई है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें वन रक्षक जतिंद्र कुमार, विशाल कुमार और वन मित्र शामिल रहे।

कड़ाके की ठंड में दो दिन तक दी दबिश
विभाग की योजना तस्करों को रंगे हाथों पकड़ने की थी। इसके लिए टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों के बीच लगातार 48 घंटों तक जंगल में मोर्चा संभाले रखा। अधिकारियों का मानना है कि तस्करों को विभाग की मौजूदगी का आभास हो गया था, जिस कारण दो दिनों तक कोई भी लकड़ी उठाने नहीं आया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
जब यह स्पष्ट हो गया कि तस्कर अब वापस नहीं आएंगे, तो विभाग ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। इंदौरा पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन नेटवर्क की तलाश कर रही है जो क्षेत्र में अवैध कटान में संलिप्त हैं।
”क्षेत्र में गश्त को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तस्करों के खिलाफ हमारी मुहिम इसी तरह जारी रहेगी।”
— जगजीत चावला, वन परिक्षेत्र अधिकारी, इंदौरा









