पठानकोट-भरमौर नैशनल हाईवे पर जा रही थी बस…फिर हुआ कुछ ऐसा कि यात्रियों में मच गई चीख-पुकार

चम्बा। पठानकोट-चम्बा-भरमौर नेशनल हाईवे पर मैहला पुल के समीप गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पहाड़ी से गिरे एक भारी-भरकम पत्थर की चपेट में एक निजी बस आ गई। इस घटना में बस का अगला शीशा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि चालक की सूझबूझ से बस में सवार दर्जनों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।
हादसे का विवरण
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को एक निजी बस चम्बा से लिल्ह रूट पर जा रही थी। जैसे ही बस मैहला पुल के पास पहुंची, पहाड़ी पर चल रहे सुरक्षा कार्य के दौरान अचानक एक विशाल पत्थर लुढ़कता हुआ सीधे बस के अगले शीशे पर आ गिरा। पत्थर गिरने की भीषण आवाज और शीशा टूटते ही बस के भीतर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
चालक की सूझबूझ ने टाली अनहोनी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पत्थर की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस अनियंत्रित हो सकती थी। लेकिन चालक ने गजब का धैर्य और सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत नियंत्रित कर लिया, जिससे वाहन गहरी खाई में गिरने से बच गया। गनीमत यह रही कि पत्थर चालक या किसी यात्री को सीधे नहीं लगा, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर फूटा गुस्सा
हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों और स्थानीय लोगों ने मौके पर जमकर रोष प्रकट किया। लोगों ने इसके लिए संबंधित ठेकेदार को सीधा जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि:
-
- पहाड़ी पर काम के दौरान सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
- जब ऊपर भारी पत्थर गिरने का खतरा था, तो ट्रैफिक को क्यों नहीं रोका गया?
- बिना किसी चेतावनी बोर्ड या गार्ड के जान-जोखिम में डालकर काम किया जा रहा है।
”जब ऊपर काम चल रहा था और पत्थर गिरने का खतरा था, तो यातायात को रोकना चाहिए था। ठेकेदार की इस लापरवाही की वजह से आज कई जानें जा सकती थीं।” – स्थानीय यात्री

प्रशासन सख्त: ठेकेदार से मांगा जवाब
इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए एनएच मंडल चम्बा के अधिशासी अभियंता मीत शर्मा ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही विभाग सक्रिय हो गया है। उन्होंने कहा, “यह राहत की बात है कि कोई घायल नहीं हुआ। संबंधित ठेकेदार से इस लापरवाही के लिए जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और ट्रैफिक नियंत्रण के कोई कार्य न किया जाए।”









