बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: पठानकोट में बाल सुरक्षा यूनिट ने की स्कूल बसों की विशेष चेकिंग

बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पठानकोट में बाल सुरक्षा यूनिट द्वारा स्कूली बसों की विशेष चेकिंग की गई। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्कूली आवाजाही के दौरान बच्चों की देखभाल और उनकी सुरक्षा से संबंधित सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।

इन मानकों की हुई बारीकी से जांच
चेकिंग के दौरान जिले के विभिन्न स्कूलों की बसों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया:
- दस्तावेज: बसों की फिटनेस, पंजीकरण (RC) और बीमा (Insurance) के कागजात।
- स्टाफ वेरिफिकेशन: ड्राइवरों के लाइसेंस और ड्राइवर-हेल्परों की पुलिस वेरिफिकेशन।
- सुरक्षा उपकरण: बस में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher), और स्पीड गवर्नर की कार्यक्षमता।
- तकनीकी सुरक्षा: सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की स्थिति, खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल और दरवाजों की मजबूती।
- सुविधाएं: बस में महिला हेल्पर की मौजूदगी और बच्चों के बैठने के प्रबंध।

लापरवाही बरतने वालों को सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान जिन बसों में कमियां पाई गईं या नियमों का उल्लंघन होता दिखा, वहां स्कूल प्रबंधकों और बस स्टाफ को तुरंत सुधार करने के निर्देश जारी किए गए। जिला बाल सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जागरूकता अभियान और भविष्य की योजना
जिला बाल सुरक्षा अधिकारी ऊषा ने बताया कि स्कूल प्रबंधकों और ड्राइवरों को बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक किया गया है। उन्होंने कहा कि “सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी” के तहत ऐसी चेकिंग भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेगी।

जनता से अपील: > प्रशासन ने अभिभावकों और आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी स्कूल बस में सुरक्षा संबंधी कोई कमी या लापरवाही नजर आती है, तो वे तुरंत स्कूल प्रबंधन या जिला प्रशासनिक परिसर स्थित जिला बाल सुरक्षा यूनिट के कमरा नंबर 219 में सूचित करें।








