पंजाब: ग्रुप-बी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का साया, विजिलेंस ब्यूरो करेगा जांच

चंडीगढ़ : पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में ग्रुप-बी अधिकारियों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा विवादों के घेरे में आ गई है। परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक की आशंका जताते हुए अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (SSSB) ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बोर्ड ने पंजाब के मुख्य निदेशक, विजिलेंस ब्यूरो को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
परीक्षा का ब्यौरा और असामान्य परिणाम
बता दें कि वरिष्ठ सहायक, नायब तहसीलदार, कोषागार अधिकारी और जिला कोषागार अधिकारी जैसे 400 से अधिक पदों के लिए यह परीक्षा 21 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय द्वारा संचालित इस परीक्षा में लगभग एक लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिसके परिणाम 9 जनवरी 2026 को घोषित किए गए। परिणाम आने के बाद से ही चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे थे।

बठिंडा कनेक्शन और ‘पारिवारिक’ सफलता पर सवाल
बोर्ड को मिली शिकायत में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने परीक्षा की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है:
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- टॉपर्स की सूची: परीक्षा के सभी पांचों टॉपर्स बठिंडा जिले से हैं। इसके अलावा, शीर्ष 100 सफल उम्मीदवारों में से 22 उम्मीदवार भी इसी जिले से ताल्लुक रखते हैं।
- रिश्तेदारों का दबदबा: टॉप रैंक हासिल करने वालों में एक दंपत्ति (पति-पत्नी), दो सगे भाई-बहन और दो चचेरे भाई-बहन शामिल हैं।
- अंकों का विवरण: एक भाई को 120 में से 117.50 और दूसरे को 115 अंक मिले हैं। वहीं, एक महिला उम्मीदवार ने 106.75 अंकों के साथ छठा और उसके पति ने 101.25 अंकों के साथ सातवां स्थान प्राप्त किया।
“शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जो उम्मीदवार पहले पटवारी और श्रम निरीक्षक जैसी अपेक्षाकृत छोटी परीक्षाओं में असफल रहे थे, उन्होंने इस उच्च-स्तरीय परीक्षा में असाधारण अंक प्राप्त किए हैं।”

शिक्षा विभाग के अधिकारी पर शक की सुई
शिकायत में दावा किया गया है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र बठिंडा में लीक हुआ था। सूत्रों के अनुसार, प्रश्नपत्र उस समय लीक हुआ जब वे शिक्षा विभाग के एक अधिकारी की हिरासत में थे। बोर्ड ने अपनी प्रारंभिक जांच में इन आरोपों को गंभीर माना है, जिसके बाद मामला सतर्कता ब्यूरो (Vigilance Bureau) को सौंप दिया गया है।
आगे क्या?
विजिलेंस ब्यूरो अब परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज, प्रश्नपत्रों के रखरखाव की श्रृंखला और संदिग्ध उम्मीदवारों के रिकॉर्ड की जांच करेगा। ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि परीक्षा रद्द की जाएगी या दोषी पाए जाने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।









