हिमाचल में तैयार होगी पहली ‘राज्य पोषण नीति’, सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला

खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए कांगड़ा समेत चार जिलों में खुलेंगी आधुनिक फूड लैब
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश अपनी पहली ‘राज्य पोषण नीति’ (State Nutrition Policy) तैयार करेगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं सहित सभी वर्गों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार सुनिश्चित करना है।

न्यूट्रीशनल प्रोफाइलिंग पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS), मिड-डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) जैसी योजनाएं पहले से ही सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। अब इन पहलों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए न्यूट्रीशनल प्रोफाइलिंग की जाएगी। इससे आम जनता को भोजन में मौजूद पोषक तत्वों, कैलोरी मान और ‘फूड फोर्टिफिकेशन’ (खाद्य सुदृढ़ीकरण) के मानकों के प्रति जागरूक किया जा सकेगा।

प्रयोगशालाओं का होगा विस्तार, 33.50 करोड़ का बजट
राज्य में खाद्य परीक्षण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने बड़े निवेश की घोषणा की:
-
- कंडाघाट (सोलन): यहाँ स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैबोरेटरी को विश्व स्तरीय तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा, जिसके लिए 8.50 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
- कांगड़ा जिला: पहले चरण में कांगड़ा में एक नई आधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिसके लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- आगामी योजना: कैबिनेट ने हाल ही में कांगड़ा, मंडी, शिमला और बद्दी (सोलन) में नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी।
”प्रदेश सरकार लोगों के समग्र कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पोषण नीति के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर नागरिक को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण आहार मिले। प्रयोगशालाओं के नेटवर्क से मिलावट पर लगाम लगेगी और खाद्य मानकों में सुधार होगा।”
— ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

तकनीक और पारदर्शिता पर बल
मुख्यमंत्री ने इन प्रयोगशालाओं के कुशल संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ की तैनाती के निर्देश दिए हैं। साथ ही, खाद्य नमूनों के संग्रह और परीक्षण परिणामों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटलीकरण अपनाने पर भी जोर दिया गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव (स्वास्थ्य) जितेंद्र सांजटा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








